योगी ने चला ऐसा ‘दांव’ कि गांधी परिवार के साथ राजा भैया के खिसक गये पांव, राजकुमारी रत्ना सिंह के भाजपा में शामिल होते हडकंंप

प्रतापगढ़। एक लंबे समय कर प्रतापगढ़ में अपराजेय रहे कालाकांकर राजघराने की राजकुमारी रत्ना सिंह को भाजपा में शामिल करा कर सीएम योगी ने ऐसा दांव चला है कि जिससे गांधी परिवार ही नहीं बल्कि बेंती रियासत के रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के पांवों के नीचे से जमीन खिसक गयी है। दरअसल तीन बार सांसद रही रत्ना सिंह के पिता रााजा दिनेश सिंह केन्द्र में विदेश मंत्री से लेकर दूसरी अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं। अंतिम समय में वह लंबे समय तक बिस्तर पर रहे लेकिन तत्कालीन पीएम राजीव गांधी ने विदेश मंत्री के पद से हटाने का हौसला नहीं जुटाया। प्रदेश की राजनीति में अहम स्तम्भ रहे दिनेश सिंह का परिवार गांधी परिवार से जुड़ा रहा लेकिन नाटकीय घटनाक्रम के तहत मंगलवार को गड़वारा बाजार में सदर उपचुनाव प्रत्याशी राजकुमार पाल के समर्थन में जनसभा करने आए सीएम योगी ने रत्ना सिंह को उनके हजारों समर्थकों के संग भाजपा की सदस्यता दिला दी।

अमेठी से लेकर रायबरेली तक दिखेगा असर

राजकुमारी रत्ना सिंह भले चुनाव में भाजपा से हार गयी थी लेकिन उनके परिवार का असर कांग्रेस की पारिवारिक कही जाने वाली रायबरेली और अमेठी सीट पर खासा असर है। समीप का होने के नाते न सिर्फ क्षत्रिय बल्सि दूसरे वर्ग भी राजकुमारी को सम्मान देते हैं। कांग्रेस के गर्दिश के दिनों में भी प्रमोद तिवारी साथ मिलकर भाजपा को कड़ी टक्कर देने वाली राजकुमारी रत्ना सिंह का अपने समर्थकों संग भाजपा में शामिल होना प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति बताने के लिए पर्याय है। न तो संगठन बचा है न ही नेताओं में तेवर जिससे जनता में उनको लेकर कोई आकर्षण रहे। चर्चा तो पहले से थी लेकिन पिछले दिनों सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा ने जिस तरह अपने करीबी अजय लल्लू को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी सौंपी उससे साफ हो गया कि कांग्रेस को अभी कई और ऐसे झटके लगेंगे।

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