सोनभद्र। पढ़ाई के बाद पुलिस जैसी फोर्स में नौकरी करने वाली महिला कांस्टेबिल अंध विश्वास की चपेट में आकर ‘ओझाई’ कराने गयी थी। इसके खर्च के रूप में 85 हजार की डिमांड की गयी थी। महिला को साथ लेकर सहकर्मी सिपाही अपने करमा थाने स्थित सरकारी आवास गया जहां उसके साथ दुष्कर्म ही नहीं किया बल्कि इसका वीडियो बना लिया। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक फोटोग्राफ डाल कर बदनाम करने की धमकी देते हुए 85 हजार नकदी छीन ली। पीड़िता ने सोमवार की रात राबर्ट्सगंज कोतवाली में तहरीर दी तो पुलिस महकमे में हडकंप मच गयी। प्रकरण की जानकारी मिलने के सथ एसपी आरपी सिंह ने आरोपित कांस्टेबिल राधेश्याम को निलंबित कर दिया है। सिटी सीओ विवेकानंद तिवारी ने स्वीकार किया कि करमा थाने में तैनात कांस्टेबल राधेश्याम के खिलाफ दुष्कर्म, अमानत में खयानत समेत संंबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।

बीमारी ठीक कराने के नाम पर होनी थी पूजा

पीड़िता ने तहरीर में जिक्र किया है कि विवाह के बाद से वह बीमार चल रही है। इस बीच 12 अगस्त को महिला थाने में उसकी मुलाकात करमा के सिपाही राधेश्याम से हुई। बीमारी की बात राधेश्याम ने सुनी को कहा कि काशी में उसके रिश्तेदार ओझाई करते हैं। बीमारी को ठीक कराने की पूजा होगी जिसका खर्च 85 हजार होगा। महिला कांस्टेबिल झांसे में फंस गयी और उसी दिन 85 हजार लेकर राधेश्याम के साथ वाराणसी गई। आरोप है कि वापसी में रात को राधेश्याम ने करमा थाने में अपने सरकारी आवास में ले जाकर दुष्कर्म किया। नकदी छीन ली और मुंह खोलने पर अश्लील फोटो, वीडियो व्हाट्स एप और फेसबुक पर डालने की धमकी दी। पहले तो बदनामी के डर से पीडिता शांत रही लेकिन बाद में हिम्मत जुटा कर रिपोर्ट दर्ज करायी।

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