भदोही। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले तक जनपद में सपा का जो सबसे मजबूत स्तम्भ था वह अब ऐसी समस्या बन गया है जिसकी काट तमाम कोशिशों के बावजूद खुद अखिलेश यादव नहीं ढूंढ सके हैं। ज्ञानपुर से चौथी बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले बाहुबली विजय मिश्र पूर्वांचल के कद्दावर ब्राम्हण नेता के रूप में स्थापित हो चुके हैं और वह सपा के लिए लगातार चुनौती बनते जा रहे हैं। ताजा मामला रविवार को आयोजित आरएसएस के गुरुदक्षिणा कार्यक्रम का है जहां काशी प्रांत प्रचारक अभयजी के साथ विधायक गुफ्तगूं करते देखे गये। कार्यकम विजय मिश्र के गांव कवलापुर में था लिहाजा संघ से जुड़े उनके सैकड़ो समर्थक भी मौजूद थे।

लोकसभा चुनाव के लिए मजबूत है दावेदारी

तीन बार सपा के टिकट पर चुने जाने वाले विजय मिश्र ने इस बार पार्टी से बगावत ही नहीं की बल्कि निषाद पार्टी सरीखे छोटे दल से चुनाव जीत कर दिखा दिया कि उनका व्यापक जनाधार है। इसके बाद राष्ट्रपति और राज्यसभा व विधान परिषद चुनाव में उन्हें मैनेज करने की कोशिश की गयी लेकिन उन्होंने सपा को लेकर तेवर साफ कर दिये। सदन में जिस तरह वह हमलावर रहते हैं उससे माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी मजबूत दावेदारी रहेगी। पिछले चुनाव में उनकी पुत्री सीमा मिश्र सपा प्रत्याशी थी और भाजपा की लहर होने के बावजूद कड़ी चुनौती दी थी।

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