धाराओं की बढोत्तरी के साथ प्रशासन ने दिखाये तेवर तो पूर्व सांसद ने लगायी गुहार हुआ ‘फीवर’, कोरोना जांच के लिए लिया गया सैंपल

जौनपुर। बाहुबली कहे जाने वाले पूर्व सांसद धनंजय सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। अपहरण और रंगदारी वसूलने के लिए प्रोजेक्टर मैनेजर की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में धाराओं की बढ़त्तरी के साथ पुलिस-प्रशासन ने तेवर स्पष्ट कर दिये हैं। सूत्रों की माने तो पूर्व सांसद के खिलाफ सख्त निरोधात्मक कार्रवाई की पूरी तैयारी हो चुकी है। दरअसल लंबे समय से भाजपा के जिन नेताओं के संग ‘करीबी संबंध’ होने का दावा किया जाता था उनकी ‘लानत-मलानत’ के बाद पार्टी लामबंद हो चुकी है। सांसद के समर्थक खुल कर केन्द्र की सत्ता में शीर्ष स्थान रखने वाले एक प्रभावशाली मंत्री पर तोहमत लगा रहे हैं तो वह खुद प्रदेश के मंत्री को ‘भ्रष्टाचारी’ से लेकर आने वाले चुनाव को लेकर ‘धमकी’ दे चुके हैं।

‘बुखार’ पहुंचा सकेगा अस्पताल

गौरतलब है कि रविवार की आधी रात के बाद पुलिस ने पूर्व सांसद को उनके काली कुत्ती स्थित आवास से उठाया और लाइन बाजार थाने ले गयी। यहां से रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद जेल में दाखिल करा दिया गया। जेल के बाहर भारी संख्या में पीएसी की तैनाती का नतीजा रहा कि मंगलवार को जमानत अर्जी में बुखार से पीड़ित होने के चलते अस्पताल भेजने का अनुरोध किया गया। जेल सूत्रों की माने तो सांसद ने खुद कहा कि पेशी के दौरान बड़ी संख्या में लोग मिले थे जिसके बाद से वह बुखार महसूस कर रहे हैं। जेल प्रशासन ने भी कोरोना की जांच के लिए उनका सैंपुल लिया और जांच के लिए भेज दिया।

साजिश रचने का भी है आरोप

लाइन बाजार थाने में एसटीपी का काम देख रही कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में आईपीसी की धारा 120 बी की बढ़ोत्तरी विवेचना के दौरान कर दी गयी है। घनंजय के खिलाफ इससे पहले भी पांच दफा गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है और अपराधिक इतिहास भी साढ़े तीन दर्जन के अधिक मुकदमों का है। पिता राजदेव सिंह भले सभाई देते हैं कि दो तिहाई से अधिक मामले खत्म हो चुके हंै लेकिन इसी आपराधिक इतिहास को हाईकोर्ट में पेश किया गया था तो उनकी वाई श्रेणी की सुरक्षा हट गयी थी।

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