वाराणसी। विरोधी भले कोई भी दावे करे लेकिन अखिलेश यादव और मायावती के लिए पंचकोशी यात्रा करना दूर की कौड़ी सरीखा था। वजह, अपने बेस वोट बैंक की नाराजगी को ध्यान में रखते हुए वह विपक्ष में रहते हुए भी ऐसा कर ही नहीं सकते हैं। दूसरी तरफ कोर वोटर की नाराजगी भाजपा को चिन्ता में डाल रही है और उसे लुभाने के लिए निय नये दांव इस्तेमाल हो रहा है। यही कारण रहा कि सीएम योगी पंचकोशी यात्रा करने वाले पहले मुख्यमंत्री तो बने ही साथ ही इसके विकास की खातिर उन्होंने 101 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है।

श्रद्धालुओं को मिले बेहतर सुविधाएं

सीएम ने अपने काशीवास के दौरान किये गये 84 कोसी पंचक्रोसी परिक्रमा की चर्चा करते हुए कहा कि पुरूषोत्तम मास में इसका बहुत महत्व है। उन्होने अपने पंचक्रोसी परिक्रमा को धार्मिक महत्व के साथ-साथ श्रद्वालुओं को बेहतर सुविधा मुहैया कराये जाने हेतु पूरे परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किये जाने का उद्देश्य बताते हुए कहा कि पूरे पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण, सुद्वृणीकरण एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य सरकार ने अपने हाथ में लिया है। इसके लिये 101 करोड़ का भारी-भरकम धनराशि स्वीकृत किया गया है। इससे परिक्रमा के पांचो पड़ाव का विकास सहित बुनियादी सुविधायें बढ़ायी जायेगी।

क्रेडिट लेने की होड के संग कसे तंज

राहुल गांधी के ‘जनेऊधारी’ होने के साथ मठ-मंदिरों का चक्कर लगाने का रंग कांग्रेस नेताओं पर भी चढ़ता जा रहा है। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने अपनी खोयी राजनैतिक जमीन तलाशने के लिए पंचकोशी यात्रा की तो बड़े नेता इसमें फोटो सेशन के लिए आते रहे। कांग्रेसी नेताओं के अलावा काशी के कुछ चर्चित ‘संत’ दावा कर रहे हैं कि उन्होंने सीएम को पंचकोश करने के लिए ‘मजबूर’ कर दिया। बहरहाल ऐसा राजनीति में कम होता कि सत्ता पक्ष का किसी धार्मिक यात्रा का क्रेडिल लेने के लिए विपक्ष की तरफ से पहल हो।

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