पति के बचाव में मैदान में उतरी पत्नी प्रियंका राय, जनता की अदालत से लगायी ‘न्याय’ की गुहार

मऊ। अतुल राय भले लंबे समय से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबियों में रहे हैं। पुलिस रिकार्ड में आपराधिक इतिहास भी दो दशक से अधिक पुराना हो लेकिन राजनैतिक कैरियर पिछले विधानसभा चुनाव के समय शुरू हुआ था। संगीन मामलों के आरोपित होने पर अतुल राय पहले भी फरार रह चुके हैं लेकिन पहली बार उनके बचाव की खातिर पत्नी प्रियंका राय को मैदान में उतारना पड़ा। भुजौटी स्थित एक मैदान में बुधवार को घोसी लोकसभा गठबंधन प्रत्याशी अतुल राय के लिए आयोजित सपा-बसपा, रालोद की संयुक्त चुनावी जनसभा में वह मंच पर दिखी। प्रियंका राय ने बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को हाथी का प्रतीक चिन्ह भेंट किया तो वही प्रत्याशी के भाई ने भी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सपा का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

फरारी के बाद संभाली चुनाव की कमान

गौरतलब है कि एक छात्रा ने घोसी लोकसभा सभा प्रत्याशी अतुल राय के खिलाफ वाराणसी के लंका थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है। इसके बाद उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी हो गया। एनबीडब्ल्यू जारी होते ही कई जिलों की पुलिस अतुल की गिरफ्तारी के लिए मऊ के होटलों में दबिश देनी शुरू कर दी थी। इसकी भनक लगते ही वह मऊ छोड़कर फरार हो गये और गिरफ्तारी पर रोक के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिली। उसके बाद अतुल राय ने सुप्रीम कोर्ट में दरवाजा खटखटाया और 23 मई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए अर्जी दी। जिसकी सुनवाई 17 मई को है।

सरकार पर मढ़ी मुकदमे की तोहमत

खास यह कि जिस मंच से मायावती-अखिलेश खुद अतुल राय को जिताने के लिए हुंकार भर रहे थे वह खुद वहां नहीं थे। रणनीति के तहत उनकी पत्नी व भाई ने मंच को सम्भाला। प्रत्याशी अतुल राय की पत्नी प्रियंका राय ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में जो आशीर्वाद मिल रहा है हम और हमारा पूरा आपका आजीवन आभारी रहेगा। मैं जनता की अदालत से न्याय की मांग करती हूं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार मेरे पति को रोकने के लिए की किसी भी हद तक जा सकती है।

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