बलिया। एसडीएम बनकर सामान्य लोगों पर रोब जमाने तक तो चलता रहा लेकिन हौसले इस कदर बुलंद हो गये कि पुलिस और प्रशासन से ‘सेवाएं’ लेने लगा। सुरेमनपुर पुलिस चौकी के हत्थे रविवार को चढ़ा जालसाज पिछले एक महीने से वह सुरेमनपुर क्षेत्र के अलग-अलग गांवो में खुद को एसडीएम बताकर खूब खातिरदारी भी करवा रहा था। जालसाज उस समय वह पुलिस के हत्थे चढ़ा जब बैरिया के चौकी इंचार्ज को फोन कर खुद को बांसडीह एसडीएम राजेश पाठक बताया। चौकी इंचार्ज छुट्टी पर है लेकिन उन्होंने एक सिपाही को फोन कर सुरेमनपुर पहुंचने के लिए कहा। दूसरी तरफ इसकी जानकारी मिलने पर चौकी इन्चार्ज सुरेमनपुर पुष्पेन्द्र दीक्षित को शक हुआ और उन्होंने एसडीएम बांसडीह संतलाल से संपर्क कर जानकारी ली। इसके बाद सारा पोल पट्टी खुल गया।

न बन पाया पीसीएस तो नाम पर करने लगा फर्जीवाड़ा

गिरफ्तार युवक ने अपना नाम सुनील कुमार मिश्र निवासी हवसपुर झूसी (इलाहाबाद) बताया। सुनील ने इलाहाबाद इन्वर्सिटी से एमए एलएलबी की शिक्षा ग्रहण करना बताया। इसका दावा था कि 2008 से 2013 तक तीन बार पीसीएस के परीक्षा में बैठा है लेकिन सफलता नही मिली। हालांकि उस युवक का ऐसा कोई बड़ा कारनामा सामने नहीं आया है, जिससे यह लगे कि उसने खुद को एसडीएम बताकर कोई ठगी किया हो। अलबत्ता सुरेमनपुर चौकी के नजदीक के गांव गंगापुर के प्रधान प्रतिनिधि दीनदयाल प्रसाद को एक माह पहले बैरिया थाने के कथित पुलिस कर्मी ने फोन किया था कि यह बांसडीह के एसडीएम है। इनका नम्बर यह हो नोट कर लो। आपसे बात करना चाहते है बात कर लो। इसके बाद प्रधान प्रतिनिधि से कथित एसडीएम की मुलाकात हुई। पहली मुलाकात में ही कथित एसडीएम ने प्रधान प्रतिनिधि को दो तीन सड़क बनाने का निर्देश दिया। कोई सड़क निर्माण के लिए भूमि की सर्वे भी किया था। इस बाबत सीओ बैरिया उमेश कुमार ने कहा कि मामले की जांच हो रही है।

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