आजमगढ़। पीएम मोदी भले बेटी पढ़ाओ का नारा देते हैं लेकिन सरकारी महकमों का हाल यह है कि मुस्लिम छात्राओं को मिलने वाली स्कालरशिप नहीं दी जा रही है। साल पूरा होने के बावजूद छात्रवृत्ति मिलने का कोई आसार न देख छात्राओं का आक्रोश भड़क गया। बड़ी संख्या में नाराज छात्राए शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुची। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने बाकायदा अपने हाथो में स्लोगन ले रखा था जिस पर लिखा था, हमारी छात्रवृत्ति दो, अल्पसंख्यक अधिकारी पर कार्यवाही हो। स्कूल प्रबंधन और छात्राओ ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर मनमानी व गलत तथ्यों का सहारा ले छात्रवृत्ति को रोकने का आरोप लगाया। छात्राओ ने जिलाधिकारी आजमगढ़ शिवाकांत द्विवेदी से मिल पूरे मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

खता प्रिंसपल की, सजा छात्राओं को

बताया जाता है कि मुबारकपुर स्थित एक गर्ल्स इंटर कालेज की छात्राओं को काफी समय से छात्रवृत्ति नहीं दी जा रही है। छात्रवृत्ति न मिलाने से नाराज होकर छात्राएं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गयी। इस मामले में स्कूल प्रबंधन का कहना था कि भारत सरकार के अल्पसंख्यक मत्रालय की ओर से दी जाने वाली छात्रवृत्ति न मिलाने पर आॅनलाइन शिकायत करने पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा जबाब आया कि पूर्व में इस कॉलेज पर 2007 से 2012 में गबन हुआ था। इसीलिए छात्रवृत्ति आॅनलाइन फॉरवर्ड नहीं किया गया है। प्रबंधन का कहना है कि यह गलत है। कार्यवाही उनकी शिकायत पर जांच के बाद हुई थी। इसमें 31 लाख का गबन पाया गया था, जिसमे जिला अल्पसंख्यक विभाग और तत्कालीन प्रिंसिपल की भी संलिप्तता पाई गयी। बावजूद इसके एफआईआर सिर्फ तत्कालीन प्रिंसिपल नसरीन बानो पर हुई। अब जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का ये कहना की चुकी गबन हुआ था इस लिए रोक दिया। छात्राओं का कहना था कि जब जिला अल्पसंख्यक कार्यालय की संलिप्तता सामने आयी थी तो उन पर क्यों नहीं कार्यवाही हुई। इस प्रकरण में तत्कालीन प्रिंसिपल के आलावा विद्यालय के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है, ऐसे में सवाल ये है कि इसमे छात्राओ का क्या दोष।

डीएम ने दिया कार्रवाई का भरोसा

छात्रवृत्ति न मिलने से परेशान छात्राओं का कहना है कि इसी छात्रवृत्ति के सहारे वह साल भर अपनी पढ़ाई करती हैं और अब जब उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है तो उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। इन छात्राओं ने यह मांग भी की कि इस पूरे प्रकरण में जो भी दोषी हो उनके खिलाफ कार्यवाही भी की जाये। इस बाबत डीएम का कहना था हमने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से बात की तो उन्होंने बताया की संस्थान द्वारा आॅनलाइन छात्रवृत्ति भरने के बाद हार्ड कापी नहीं दी गयी। बहरहाल पूरे प्रकरण को संज्ञान ले जाच कराई जायेगी। इसमें जो भी दोषी होगा उस पर कार्यवाही की जाएगी।

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