2002 में योगी ने भाजपा के प्रत्याशी और तीन बार के विधयक और मंत्री रहे शिव प्रताप शुक्ला के खिलाफ हिन्दू महासभा के बैनर से अपना उम्मीदवार लड़ाया और जिताया भी था।

तब योगी का कद इतना बढ़ गया कि भाजपा को इस इलाके में अपनी कमान उनके हवाले करनी पड़ी !!

अब लोकसभा के उप-चुनाव में योगी की प्रतीष्ठा लगी है दांव पर. भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए उन्हें करनी पड़ी है कई चुनावी सभाएं व रैलियांं !!

क्या सपा-बसपा के साथ आने से हिल गई है बीजेपी ??
#उपचुनाव में उठा मासूम बच्चों की मौत का मुद्दा !!
सपा-बसपा गठबंधन और निषाद पार्टी, पीस पार्टी, और राष्ट्रीय लोकदल की एकजुटता से जातीय समीकरण गड़बड़ाया !!

भाजपा खोज रही है जातीय समीकरणों की काट ! जातीय समूह के हिसाब से नेता, विधायक व मंत्री भेजे गए !!
प्रदेश के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को चित्रगुप्त मंदिर में कायस्थ सभा के बीच खोजनी पड़ी जातीय समीकरणों की काट !!!
वरिष्ठ पत्रकार सुरेश प्रताप सिंह के फेसबुक वाल से…

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