क्राइम ब्रांच ने छत तोड़कर छलांग लगायी तब देह व्यापार करने वालों की टोली पकड़ में आयी, जिस्मफरोशी कराने वालों पर कसा शिकंजा

वाराणसी। शिवदासपुर (मंड़ुवाडीह) का रेड लाइट एरिया देह व्यापार के लिए खासा बदनाम रहा है लेकिन नाबालिग और अगवा कर लायी गयी लड़कियों से देह व्यापार कराने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खास यह कि पिछली बार की तरह इस बार भी कार्रवाई क्राइम ब्रांच की टीम ने प्रभारी विक्रम सिंह के साथ की गयी अलबत्ता नेतृत्व इस बार लेडी सिंघम के नाम से मशहूर सीओ चेतगंज अंकिता सिंह कर रही थी। छापेमारी के दौरान कई कोठों से लगभग आधा दर्जन युवतियों को हिरासत में ले लिया गया है। मौके से चार पुरुषों को भी पकड़ा गया है। सीओ ने स्वीकार किया कि हिरासत में ली गयी में एक ने खुद को नाबालिग बताया है जिसकी जांच की जा रही है।

संचालकों ने बंद किये दरवाजे

छापेमारी के लिए क्राइम ब्रांच की टीम को देखकर देह का व्यापार कराने वालों ने भीतर से दरवाजे बंद कर लिये। इस पर छत के टिनशेड को हटा कर टीम भीतर घुसी तब जाकर दरवाजे खुल सके। सीओ के मुतबिक प्रयागराज की संस्था फ्रीडम से सूचना मिली कि यहां पर नाबालिग लड़कियों से देह व्यापार का धंधा करवाया जा रहा है। छापेमारी में पकड़ी गयी पांच महिलाओं को पुलिस ने जांच के बाद नारी निकेतन भेज दिया जबकि पुरुषों को हवालात में।

जब पहचान बतायी तब मुक्ति मिल पायी

छापेमारी के दौरान वहां से एक महिला को पकड़ा गया लेकिन बाद में उसने पहचान बतायी तो पुलिस बैकफुट पर आ गयी। दरअसल प्रयागराज के एनजीओ जिसने शिकायत की थी उससे जुड़ी कुछ युवतियों की टीम भी आयी थी। छापेमारी के दौरान मची अफरा-तफरी में पुलिसकर्मियों ने उसे भी संदिग्ध समझते हुए पकड़ लिया। बाद में कार्यकर्ती ने अपनी पहचान बता कर मुक्ति पायी।

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