वाराणसी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र की जिम्मेदारी किसी बड़े टास्क से कम नहीं। हर मामले की पीएमओ से मानीटरिंग और उससे संबंधित रिपोर्ट भेजना। सूबे में भाजपा सरकार बनने के बाद कुछ ऐसा लखनऊ से भी होने लगा। वावजूद इसके डीएम योगेश्वर राम मिश्र सब कुछ करते हुए भोर से देर रात तक इसी में व्यस्त रहते हैं। रविवार को भोर में वह अस्सी घाट पर थे तो दिन में राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी के साथ मंडलीय अस्पताल के निरीक्षण पर। रात होने पर आराजी लाइन ब्लाक पर आयोजित चौपाल में आम लोगों की शिकायते सुनकर निस्तारण का सिलसिला देर तक चलता रहा। अधीनस्थ भी खीज कर कहने लगे हैं कि साहब आराम कब करते हैं? उन्हें को सिर्फ काम और काम ही सिर पर चढ़ा रहता है।

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पुलिस महकमे की सांस फूलने लगी

डीएम भले क्राइम मीटिंग की अध्यक्षता न कर रहे हो लेकिन उनका नाम सुनने के साथ पुलिस महकमे की सांस फूलने लगी है। उनके अधिकारी भले न पहुंचे लेकिन डीएम के साथ कदमताल मिलाना पड़ रहा है। दूसरे विभागों की दशा कुछ ऐसी ही है। प्रदेश के विधि न्याय सूचना युवा कल्याण खेल राज्य मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी के संग रविवार को डीएम मंडलीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण में मौजूद थे। इस दौरान परिसर में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर का भी डीएम ने निरीक्षण किया। रक्तदान करने वालों से मिल कर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि रक्तदान महादान है।

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आराजी लांइस में सुनी शिकायतें

आराजी लाइन ब्लाक के करनाडाडी (रोहनिया) स्थित प्राथमिक पाठशाला पर आयोजित चौपाल में लोगों की समस्या ही नहीं सुनी बल्कि गांव में घूमकर आवास व हैंडपम्प का निरीक्षण भी किया। जिलाधिकारी के संग एसडीएम ईशा दुहन, सीओ अंकिता सिंह व दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे।

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