जिसे समझा ‘इंजीनियर’ निकला शातिर ‘चोर’, बीएचयू ट्रामा सेंटर से वेंटिलेटर के कीमती पुर्जे ले गया खोल

वाराणसी। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बीच वाराणसी के बीएचयू के ट्रामा सेंटर से बड़ी खबर सामने आ रही है। बीएचयू ट्रामा सेंटर के लाल क्षेत्र से एक पोर्टेबल वेंटीलेटर पर चोर ने हाथ साफ कर दिया है। घटना 8 जून की है। इस संबंध में जांच के बाद आज बीएचयू प्रशासन ने लंका थाने में अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करवाया है, जिसके बाद लंका पुलिस जांच में लग गयी है। खास यह भी कि किसी हिट हिन्दी फिल्म की तर्ज पर फेस मास्क लगाये संदिग्ध को कर्मचारियों ने रोका-टोंका भी था लेकिन उसने खुद को सर्विस इंजीनियर बताते हुए सभी को चुप करा दिया।

घटनाक्रम का मौजूद है सीसी फुटेज

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक 8 जून को एक शख्स अस्पताल पहुंचा। उसने खुद को सर्विस इंजीनियर बताया और मेंटेनेंस के नाम पर वेंटिलेटर पर हाथ साफ कर दिया। इंस्पेक्टर लंका अश्वनी चतुर्वेदी ने बताया कि सहायक कुल सचिव सुधीर कुमार जायसवाल की तरफ से तहरीर मिलने पर आईपीसी की धारा 379 के तहत मुकदमा पंजीकृत करते हुए पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। इंस्पेक्टर ने स्वीकार किया कि मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोर की शिनाख्त करवाई जा रही है, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

कोरोना के मरीजों की यहीं मिलती ठौर

गौरतलब है कि बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में आईसीयू व अन्य क्षेत्रों को मिलाकर लगभग 20 वेंटिलेटर है। यहां की इमरजेंसी में काशी ही नहीं बल्कि आसपास के जमपदों से आने वाले कोरोना वायरस से संक्रमित संदिग्धों को भर्ती कर जान बचाने की कोशिश की जाती है। यहां पर भी रेड, यलो और ग्रीन जोन बनाए गए हैं। रेड जोन में सबसे गंभीर मरीजों को रखा जाता है। इसी रेड जोन से वेंटिलेटर का कीमती पुर्जा चोरी हो गया। आठ जून को घटना होते ही इसकी जानकारी सिस्टर इंचार्ज ने ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज संजीव गुप्ता को दी थी।

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