वाराणसी। लखनऊ के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापसी सहित कई मांगो के समर्थन प्रदेश के पुलिसकर्मियो को भड़काने के आरोप में जेल भेजे गए आरोपी जन कल्याण रक्षक ट्रस्ट अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रजेंद्र सिंह की जमानत अर्जी प्रभारी सीजेएम अवनीश पाण्डेय की अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दी। आरोपित की तरफ से बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा दलील दी गई कि उसे पूर्व में कई दिनों से छद्म धाराओ में जिला कारागार में निरुद्ध रखा गया है और इस मामले में रिमांड बनाया गया। वास्तविकता यह है कि उसने पुलिस विद्रोह करने का प्रयास नही किया।

कोर्ट ने माना गंभीर अपराध

कोर्ट ने कहा केस डायरी के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि आरोपी बृजेन्द्र सिंह के कब्जे से बरामद मोबाइल के वाट्सएप ग्रुप पर आरोपी ने एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यालय नदेसर बताते हुए मुख्यमंत्री को सम्बोधित पत्र में विवेक तिवारी हत्याकांड के आरक्षी गणों के मुकदमो को वापस करना और अन्य मांग न माने जाने पर 11 अक्टूबर को सभी पुलिस वाले मेस के बहिष्कार कर भूख हड़ताल की धमकी दी गई थी। ऐसे में आरोपी द्वारा जरिये वाट्सएप ग्रुप पर पुलिस विभाग के खिलाफ लोक ऋष्टिकारक वक्तब्य दिए जाने का गम्भीर अपराध है। तथ्यों और परिस्थितियो को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज की जाती है।

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