मीरजापुर। भगवा रंग का किसी ने पेटेंट भले न कराया हो लेकिन इसे सीधे तौर पर भाजपा और हिन्दूवादी संगठनों से जोड़ कर देखा जाता है। ऐसे में बसपा नेता और पूर्व एमएलसी श्याम नारायण उर्फ विनीत सिंह एक कार्यक्रम में भगवा गमछा धारण किये दिखे तो विरोधी खेमे में खासी खलबली मच गयी। मौका भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह के पिता स्वर्गीय विजय नारायण सिंह की तेरहवीं का था जहां सीएम योगी खुद पहुंचे थे। हलिया के बैधा गांव में कार्यक्रम में शिकरत करने पहुंचे विनीत को किसी ने स्वागत में भगवा गमछा ओढ़ा दिया। यहीं नहीं पूर्व एमएलसी ने सीएम से भी मुलाकात की जिसके बाद कोई उन्हें भाजपा ज्वाइन कराने लगा तो कोई इससे पहले की औपचारिकता के तहत की सीएम भेंट बताने लगा। सोशल मीडिया पर दिन भर चक्कलस चलती रही। इस बाबत विनीत का कहना था कि अरुणजी से पारिवारिक रिश्तों के तहत वह गये थे।
सीएम से भेंट के बाद शुरू हुई अफवाहे
बैधा गांव के कार्यक्रम में भाजपा के केन्द्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं के आने-जाने का सिलसिला दिन भर चलता रहा। विनीत का भी वहां आना और वीवीआईपी गेस्ट की गैलरी में रहना उतना चर्चा का विषय न बनता लेकिन गले में पड़े भगवा गमछा और सीएम से मुलाकात से बाद अफवाहों का दौर शुरू हुआ। इसे धार दी विरोधी खेमे ने जो इसकी पुष्टि के लिए मीडिया से लेकर खुफिया विभूाग तक से सम्पर्क साध रहा था। विनीत के संग चंदौली के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली भी थे जिससे इसे पंख लगे। शाम को केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ के पुत्र पंकज सिंह के साथ भी विनीत की गुफ्तगूं हुई।
कई जिलों में बसपा को लग सकता है बड़ा झटका
विनीत रहने वाले वाराणसी के हैं जबकि एमएलसी मीरजापुर-सोनभद्र की सीट से रहे हैं। उनकी पत्नी प्रमिला सिंह दूसरी बार मीरजापुर की जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुई है। विधानसभा चुनाव चंदौली की सैयदराजा सीट से लड़ा और भाजपा की सुनामी के बावजूद करीबी मुकाबले में सुशील सिंह से पराजित हुए। चुनाव के काफी पहले से विनीत रांची जेल में निरुद्ध थे और उन्हें पर्चा दाखिल करने के बाद आने तक का मौका नहीं मिला था। बसपा में कई नेता कई जिलों में जनाधार रखते हैं ऐसे में यदि वह भाजपा से जुड़ते हैं तो पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है।

admin

No Comments

Leave a Comment