ग्राम प्रधानी पर लग जायेगा ‘ताला’ यदि एक पखवारे में सुलगते सवालों का नहीं मिला उत्तर, डीएम ने दिया अंतिम मौका

वाराणसी। चोलापुर ब्लाक की ग्राम पंचायत-ताला के निलंबित ग्राम प्रधान जयप्रकाश को ग्राम विकास अधिकारी के साथ मिलकर ग्राम पंचायत में कराए गए विभिन्न कार्यों में 4.93 लाख के गबन जांच के दौरान स्पष्ट होने पर शिकंजा कस चुका है। गबन की आधी धनराशि 2.46 लाख का दोषी पाए जाने पर डीएम सुरेंद्र सिंह ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के अंदर निलंबित ग्राम प्रधान को अपना पक्ष अंतिम मौका दिया है। डीएम ने कारण बताओ नोटिस भी निर्देशित किया है कि निलंबित ग्राम प्रधान जयप्रकाश द्वारा निर्धारित समय सीमा में अपना स्पष्टीकरण अभिलेख मय साक्ष्य के साथ यदि उनके समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया, तो यह मानते हुए कि संदर्भित प्रकरण के संबंध में कुछ नहीं कहना है और निलंबित ग्राम प्रधान जयप्रकाश के विरुद्ध उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के सुसंगत धाराओं के अंतर्गत पदच्युत(बर्खास्त) करते हुए की गबन की गई धनराशि के वसूली की कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी।

शिकायत पर हुआ जांच में आरोप मिले सही

गौरतलब है कि विकासखंड चोलापुर के ग्राम पंचायत ताला के निवासियों द्वारा सशपथ दिए गए शिकायती पत्र की जांच डीएम द्वारा कराए जाने पर दोषी पाए जाने पर ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारो को प्रतिबंधित करते हुए अंतिम जांच हेतु अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान विभिन्न कार्यों में अनियमितता, सरकारी धन का गबन एवं दुरुपयोग पाए जाने पर जिलाधिकारी द्वारा निलंबित ग्राम प्रधान को अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु अभिलेख ही साक्ष्य सहित 15 दिन का अंतिम मौका दिया गया है।

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