चंदौली। मुगलसराय रेलवे यार्ड में कोलकाता की एक निजी कंपनी के मैनेजर की हत्या का खुलासा इन दिनों दूसरे विवाद का सबब बन गया है। दरअसल पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार करते हुए जिस राकेश उर्फ डब्बू सिंह को मुख्य साजिशकर्ता बताया था उसके भाजपा नेताओं से करीबी संबंध रहे हैं। मुगलसराय की विधायक साधना सिंह खुद को कुख्यात का संरक्षक संबंधी खबरों पर भड़क उठी और उन्होंने जमकर खरी-खोटी सुनायी। विधायक के निशाने पर वह मीडियाकर्मी थे जिन पर खबर वायरल करने का उन्होंने आरोप लगाया था। बाद में आडियो वायरल होने के बाद उन्होंने सफाई दी है।

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जानबूझ कर बनाया जा रहा है निशाना

विधायक साधना का कहना है कि उन्हें जानबूझ कर निशाना बनाया जा रहा है। जनप्रतिनिधि होने के नाते रोजाना वह ऐसे सैकडों लोगों से मिलती हैं जिन्हें जानती तक नहीं। रही बात फोटोग्राफ तो वह कई माह पुरानी है और एक मंत्री के कार्यक्रम के दौरान की है। जिस अपराधी के फोटोग्राफ को लेकर उन पर आरोप लगाये गये उसके दूसरे नेताओं के संग भी ऐसे फोटो हैं। रही बाद होर्डिंग की तो उसने सैयदराजा के विधायक सुशील सिंह से लेकर पार्टी के दूसरे बड़े नेताओं के भी ऐसे होर्डिंग लगवाये थे। उनका विधायक चुना जाना और इसके बाद क्षेत्र में लोकप्रियता विरोधियों के गले के नीचे नहीं उतर रही है। यही कारण हैं पहले अपराधी को संरक्षण और इसके बाद दूसरे विवाद में घसीटने की कोशिश की गयी।

विवादो से हैं पुराना नाता, तल्ख टिप्पणी से आयी थी चर्चा

साधना सिंह भले पहली बार विधायक चुनी गयी हैं लेकिन पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने सपा को जिस तरह ललकारा था वह खासा चर्चा का विषय बना था। उन्होंने अपने लोगों से खुल कर कहा था कि चूड़ी पहन रखी है क्या? बूथ पर गुंडई करते हैं तो घर में घुस कर मारेंगे। इसके बाद डीआरएम मुगलसराय पर सार्वजनिक रूप से तल्ख टिप्पणी को लेकर भी वह सुर्खियों में रही थी। इस बार खबर वायरल करने पर मीडियाकर्मी को धमकाने का आरोप लगा लेकिन उनका कहना था कि ऐसी मंशा नहीं थी।

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