वाराणसी। अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल वरूणा कॉरिडोर पर शासन की निगाहे टिक गयी है। सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर सोन सुरेशचंद्र शर्मा के निलंबन के बाद से अब दूसरे अफसरों पर तलवार लटकने लगी है। इसकी बानगी गुरुवार को विकास भवन में जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान देखने को मिली। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने सिंचाई विभाग कराये जा रहे वरूणा कॉरिडोर के धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताते हुए कार्य को निर्धारित अवधि में पूरा कराये जाने का निर्देश देते हुए विभागीय अभियंता को निर्धारित अवधि में कार्य पूरा न होने पर गम्भीर परिणाम भुगतने के लिये तैयार रहने की भी चेतावनी दी। गौरतलब है कि वरूणा कॉरिडोर का निर्माण यूपी प्रोजेक्ट कार्पोरेशन करा रहा है जबकि मानीटरिंग इकाई सिंचाई विभाग है। चीफ इंजानियर 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने वाले थे और इससे पहले निलंबन का परवाना थमा दिया गया। आशंका जतायी जा रही है कि विभागीय खींच-तान में दूसरे भी चपेट में आ सकते हैं।

युद्धस्तर पर अधियान चला कर का करें पूरा

डीएम ने इसके अलावा सिडको द्वारा निमार्णाधीन क्रीड़ा संकुल के कार्य को प्रत्येक दशा में दिसम्बर तक पूरा कराये जाने का निर्देश दिया। तहसील सदर में सीएनडीएस द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्य के शेष कार्यो को शीघ्र पूरा कराये जाने के साथ ही फायर स्टेशन चेतगंज के निर्माण कार्य को दिसम्बर तक पूरा कराये जाने का विभागीय अभियंता को निर्देशित किया। उन्होने डूडा द्वारा संचालित बीएसयूपी योंजनान्तर्गत निमार्णाधीन आवासीय योजना को युद्वस्तर पर अभियान चलाकर पूरा कराये जाने का निर्देश दिया। बंधी प्रखण्ड द्वारा नहरो में टेल तक पानी न पहूॅचने के कारण रबी की बुवाई में किसानों को समस्या का सामना करने की जानकारी को गम्भीरता से लेते हुए उन्होने विभागीय अभियंता को नहरो में टेल तक पानी पहूॅचाया जाना सुनिश्चित कराये जाने हेतु कड़े निर्देश दिये। उन्होने कुरू में निमार्णाधीन पालिटेक्निक भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। ट्रास वरूणा सीवरेंज कार्य को दिसम्बर तक पूरा कराये जाने का भी निर्देश दिया। यूपीपीसीएल द्वारा चोलापुर में बैरक निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ ही रामनगर एवं चोलापुर में बने पशु चिकित्सालय के शेष कार्य को पूराकर विभाग को हस्तान्तरित किये जाने का निर्देश दिया।

टंकी ही न भरे, घरों तक पहुंचे पानी

जलनिगम के अभियंता द्वारा 17 निमार्णाधीन ओवर हेड टंकियों में पानी भरे जाने की जानकारी पर डीएम ने टंकियों में पानी मात्र भरने की बजाए उससे घरो की टोटियों तक पेयजलापूर्ति सुनिश्चित कराये जाने का निर्देश दिया। उन्होने निमार्णाधीन कार्यो के गुणवत्ता की जॉच टेक्निकल कमेटी से कराये जाने पर विशेष जोर देते हुए विभागीय अभियंताओं को निर्देशित किया कि जो भी निर्माण कार्य अधूरे है, उन्हे अभियान चलाकर निर्धारित अवधि में गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाय। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी सहित सभी कार्यदायी संस्था के अभियंता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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