बाहुबली रमाकांत से पैरवी कराने में फंसे बलिया एआरटीओ, कैंट थाने में रपट दर्ज, पीए भी सहआरोपित

वाराणसी। इंट्री के नाम पर प्रति ट्रक 22 सौ रुपये वसूली की शिकायत को वापस लेने की खातिर आजमगढ़ के पूर्व सांसद बाहुबली रमाकांत यादव से पैरवी कराना बलिया एआरटीओ प्रवर्तन राम सिंह यादव को महंगा पड़ा गया। कैंट थाने में मंगलवार को बलिया एआरटीओ प्रवर्तन के संग पूर्व सांसद रमाकांत यादव के पीए (पर्सनल असिस्टेंट) हरिश्चंद्र यादव पर धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने पूर्वांचल ट्रक ओनर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोपों के सबूत के तौर पर लगभग 10 मिनट के बातचीत की सीडी सौंपी थी। परिवहन विभाग में व्याप्त कदाचार को लेकर इन दिनों शासन सख्त है और शिकायत मिलने के साथ कार्रवाई की जा रही है।

शिकायती प्रार्थनापत्र देने के बाद आयी थी धमकी

पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में हाशिमपुर (कैंट) निवासी प्रमोद सिंह का कहना है कि 15 जुलाई को बलिया के एआरटीओ द्वारा नो इंट्री के नाम पर प्रति ट्रक 22 सौ रुपये ओवरलोड वाहनों की इंट्री कराई जा रही थी। वसूली करने वाला परिवहन विभाग का सिपाही और एक बाहरी था। इसे एआरटीओ का नेटवर्क माना जा सकता है कि परिवहन आयुक्त व उप परिवहन आयुक्त को शिकायती पत्र देने के कुछ देर बाद ही शाम को छह बजे प्रमोद सिंह के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पूर्व सांसद आजमगढ़ रमाकांत यादव का पीए हरिश्चंद्र यादव बताया। हरिश्चंद्र यादव ने परिवहन मंत्री के पूर्व सांसद रमाकांत यादव का खास मित्र होने का दावा किया। सात ही खुलासा किया कि पूर्व सांसद की खुद की 70 ट्रकें ओवरलोड चलती हैं, जिसे रोकने की हिम्मत किसी में नहीं है। इसके साथ चेतावनी दी गयी कि खुद को सुरक्षित रखना चाहते हो तो शिकायत पत्र वापस ले लो। शिकायतकर्ता का आरोप है मोबाइल पर वार्ता के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन बलिया रामसिंह यादव भी हरिश्चंद्र यादव के साथ मौजूद थे क्योंकि उनकी आवाजें आ रही थी।

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