वाराणसी। इसे सोशल मीडिया का असर माना जायेगा क्योंकि दो दिन पहले गैंगरेप की शिकार जिस पीड़िता को पुलिस ने रोहनिया थाने से भगा दिया था शनिवार को उसे बुलाकर रिपोर्ट दर्ज कर ली। दरअसल अखरी के ग्राम प्रधान समेत आधा दर्जन लोगों को पीड़िता ने आरोपित बनाया था और किन्ही कारणों से पुलिस उन्हें बचा रही थी। पीड़िता की तहरीर पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद आला अधिकारियों ने सीओ सदर स्नेहा तिवारी को कार्रवाई के निर्देश दिये। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने सम्मानपूर्वक महिला को थाने बुलाकर दोबारा तहरीर ले ली और मुकदमा कायम कर लिया। ग्राम प्रधान सहित आधा दर्जन लोगों के ऊपर बलात्कार, लूटपाट, धमकी जैसी धाराओं में मुकदमा कायम होने की भनक मिलने के साथ आरोपित फरार हो गये। सीओ का कहना है कि पीड़िता के मेडिकल मुआयने के साथ मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान कराया जायेगा।

सोनभद्र से मजदूरी करने आयी थी पीड़िता

मूल रूप से सोनभद्र की रहने वाली 32 वर्षीय पीड़िता के मुताबिक बब्बू सिंह का शिव मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है जहां वह काम करने के लिए आयी थी। बब्बू सिंह ने अपने प्लाट में ही रहने के लिए मंदिर के बगल में कमरा दिया था। रोज की तरह महिला नौ बजे रात्रि में काम से लौट कर सो रही थी। रात में अचानक बिजली चली गई तो वह कमरे से निकल कर बाहर पीपल के पास सोई थी। पीड़िता पर गांव के रहने वाले अपराधी प्रवृति के लोगों की नजर थी। उसके पेड़ के नीचे सोने के बाद बदमाश मुंह दबा कर उसे बगल के कमरे में ले गये जहां बारी-बारी से हवस का शिकार बनाया। बचाव की गुहार सुनकर आसपास के लोग जुटने लगे तो बदमाश धमकियां देते हुए भाग निकले। पड़ोस के लोगों ने थाने पर सूचना दी और 15 जून को पीड़िता थाने पहुंची तो उसकी तहरीर लेने से पुलिस वालों ने इनकार कर दिया। तभी से यह प्रकरण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। अफसरों की फटकार के बाद पुलिस हरकत में आई और मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी।

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