वाराणसी। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को एक और बड़ा झटका लगा है। टिकट को लेकर गृहयुद्ध झेल रही पार्टी से अब बिंद समाज ने भी मुंह मोड़ लिया है। बिंद समाज ने विधानसभा चुनाव में बीजेपी के विरोध का  बिगुल फूंक दिया है। बिंदों की अगुवाई करने वाली प्रगतिशील मानव समाज पार्टी ने पूर्वांचल सहित पूरे यूपी की 225 सीटों पर अपने संयुक्त गठबंधन के उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। माना जा रहा है कि पार्टी के इस फैसले से बीजेपी को कई सीटों पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।

बीजेपी से क्यों खफा है बिंद समाज ?

प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के अध्यक्ष प्रेमचंद्र बिंद के मुताबिक बीजेपी ने बिंद समाज के साथ धोखा किया है। बीजेपी ने पहले गठबंधन की बात की, लेकिन जब टिकट देने की बारी आई पार्टी पलट गए। अमृत प्रभात डॉट कॉम से खास बातचीत के दौरान प्रेमचंद्र ने कहा कि टिकट बंटवारे में इस समाज की घोर उपेक्षा की जा रही थी, इसलिए उन्होंने अपने प्रत्याशी उतारने का फैसला किया। प्रेमचंद्र के मुताबिक बीजेपी ने हर चुनाव में बिंद समाज को ठगने का काम किया है। किसी भी विधानसभा क्षेत्र में इस समाज के अनुपात के मुताबिक टिकट नहीं दिया। बीजेपी अब भी अपनी सामंतवादी सोच से बाहर नहीं निकल पा रही है, जिसका खामियाजा उसे इस चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

क्या है प्रगतिशील पार्टी का प्लान ?

प्रेमचंद्र बिंद के मुताबिक विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी ने चार और छोटी पार्टियों के साथ मिलकर एक गठबंधन तैयार किया है। गठबंधन में राष्ट्रीय समानता दल, जनवादी पार्टी, जय हिंद समाज पार्टी के अलावा राष्ट्रीय क्रांति पार्टी शामिल है। पूर्वांचल के अलावा पूरे यूपी में ये गठबंधन अपने 225 उम्मीदवारों को मैदान में उतारने जा रही है। माना जा रहा है कि गठबंधन के चुनाव में उतरने से बीजेपी कई सीटों पर मुश्किल में आ सकती है।

कई सीटों पर निर्णायक भूमिका में है बिंद समाज

पूर्वांचल की कई सीटों पर बिंद समाज निर्णायक भूमिका में है। इन सीटों पर बिंदों की संख्या दूसरी जातियों की अपेक्षा काफी अधिक है। ये समाज जिस पार्टी के साथ रहता है चुनाव में उसका पलड़ा भारी रहता है। आमतौर पर बिंदों को बीजेपी का वोटर माना जाता रहा है लेकिन इस बार उनके रुख को देखते हुए पार्टी सकते में है।

admin

No Comments

Leave a Comment