वाराणसी। बीएचयू का शैक्षणिक सत्र 2018-19 बुधवार से आरम्भ हो गया है। कुलपति प्रो. राकेश भटनागर तथा कुलसचिव डा. नीरज त्रिपाठी सहित संस्थानों के निदेशकगण एवं संकाय प्रमुखगण ने बीएचयू स्थित श्री विश्वनाथ मन्दिर में रूद्राभिषेक किया। मंदिर के मानित व्यवस्थापक प्रो. चन्द्रमौलि उपाध्याय के आचार्यात्व में रूद्राभिषेक सम्पन्न हुआ। कुलपति ने सभी को नये शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं दी। शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिन आज से ही स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु काउन्सिलिंग प्रक्रिया शुरू हो गयी है। संकायों में स्थापित काउन्सिलिंग केन्द्रों पर छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क बनाए गये है। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैठने के लिए कुर्सी पंखे तथा पीने के लिये पानी आदि की व्यवस्था की गयी है। काउन्सिलिंग के उपरान्त फीस जमा करने के लिए आन लाइन व्यवस्था तो है ही साथ ही साथ आईसीआईसीआई बैंक तथा एचडीएफसी बैंक द्वारा फीस कलेक्शन हेतु विभिन्न संकायों में काउण्टर बनाएँ गये है। काउन्सिलिंग की सुविधा को सुचारू बनाने के लिए आॅन लाईन एडमिशन असिस्टेंस कमेटी बनाई गयी है जिसके समन्वयक सॉख्यिकी विभाग के प्रोफेसर एसके उपाध्याय है।

एससी-एसटी के लिए विशेष इंंतजाम

उपकुलसचिव शिक्षण पीके सिन्हा ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी जिनकी आय 2.5 लाख प्रति वर्ष से कम हैं, उन्हें फीस जमा करने में विशेष सुविधा प्रदान की गयी है। ऐसे विद्यार्थियों को यदि उनके पास फीस देने की स्थिति नहीं है तो भी प्रवेश दे दिया जायेगा बाद में स्कालरशिप आने के उपरान्त वे अपनी फीस जमा कर सकेंगे।

काउन्सिलिंग केन्द्रों पर दिखाई जा रही है ‘सर्वविद्या की राजधानी’ डाक्यूमेंट्री

समस्त संकायों में बनाये गये काउन्सिलिंग केन्द्रों पर बीएचयू की उपलब्धियों पर बनायी गयी डाक्यूमेन्ट्री सर्वविद्या की राजधानी दिखाई जा रही है। लगभग 30 मिनट की इस डाक्यूमेंट्री का निर्माण पत्रकारिता एवं जनसम्प्रेषण विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोे.अनुराग दवे तथा उनकी टीम द्वारा किया गया है। इस डाक्यूमेंट्री में महामना के व्यक्तित्व एंव कृत्रित्व के साथ-साथ बीएचयू की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा को दशार्या गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय उपलब्धियों को भी अत्यन्त आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

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