उसरी चट्टी कांड: नहीं पहुंचे बाहुबली मुख्तार तो सुनवाई 4 जुलाई तक टली, एमएलसी बृजेश सिंह हैं प्रमुख आरोपित

प्रयागराज। लगभग दो दशक पहले हुए बहुचर्चित उसरी चट्टी कांड मामले में मंगलवार को एमपी-एमएलए के लिए गठित स्पेशल कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। वजह, मामले के मुख्य गवाह और वादी मऊ सदर के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी कोर्ट नहीं पहुंचे थे। स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश पवन तिवारी ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 जुलाई की तिथि नियत की है। माना जा रहा है ग्रीष्मावकाश के बाद कोर्ट खुलेंगी तब मामले की सुनवाई आरम्भ होने के आसार हैं।

तीन लोगों की हुई थी मौत

गौरतलब है कि 15 जुलाई 2001 की दोपहर साढ़े 12 बजे मुख्तार अपने बड़का फाटक स्थित आवास से मऊ के लिए रवाना हुए थे। मुख्तार का काफिला उसरी चट्टी पहुंचा तभी उस पर गोलियां बरसायी जाने लगी। अचानक हुए इस हमले में मुख्तार के सरकारी गनर रामचंद्र प्रदीप के अलावा निजी सुरक्षाकर्मी बाबू की मौत हो गयी थी। फायरिंग करने वालों में भी एक अज्ञात व्यक्ति मारा गया था जिसकी शिनाख्त बाद में मनोज राय के रूप में हुई थी।

बृजेश को मारने का किया था दावा

वारदात जिस समय हुई थी उन दिनों पूर्वांचल का गैंगवार चरम पर था। मुख्तार ने हमले का आरोप प्रतिद्वदी बृजेश सिंह पर लगाते हुए दावा किया था कि हमले में मारा गया अज्ञात कोई और नहीं बल्कि बृजेश हैं। बाद में शिनाख्त पुष्ट होने पर स्पष्ट हुआ कि दावा सही नहीं था। थाने में दर्ज करायी एफआईआर में बृजेश के साथ इनके करीबियों को नामजद किया गया था। लंबे समय तक प्रकरण गाजीपुर में विचाराधीन था लेकिन पिछले दिनों इसे माननीयों के एि गठित स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है।

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