यूपीपीसीएस के आफिस से मिल सकते हैं अहम ‘सुराग’! पुलिस ने कोर्ट में अर्जी देकर सर्च वारंट के लिए लगायी गुहार

वाराणसी। लंबे समय से भर्ती को लेकर विवादों का केन्द्र बने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के इलाहाबाद स्थित कार्यालय में घोटालों के तार छिपे हंै। मंगलवार को स्पेशल जज (एंटी करेप्शन) लालचंद्र की कोर्ट में पुलिस की तरफ से दिया गया प्रार्थनापत्र कुछ ऐसा ही इशारा करता है। दरअसल एलटी ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की मामले की जांच कर रहे सीओ पिण्डरा अनिल राय ने यूपीपीसीएस के आफिस और वहां मौजूद अभिलेखों की जांच के लिए सर्च वारंट की मांग की है। कोर्ट ने इस पर कोई आदेश नहीं किया है अलबत्ता इसे संबंधित अदालत में ले जाने के आदेश जरूर दिये हैं।

दूसरे आरोपित ने भी दिया जमानत प्रार्थनापत्र

गौरतलब है कि यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक रह चुकी अंजू लता कटियार परीक्षा का पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी के बाद से जेल की सलाखों के पीछे हैं। कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी पहले ही खारिज कर दी है। उनके साथ दूसरे आरोपित प्रिटिंग प्रेस के मालिक कौशिक ने भी जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। मामले की गंभीरता देखते हुए एसएसपी आनंद कुलकर्णी जांच की खातिर एसआईटी का गठन कर चुके हैं। जेल में आरोपितों से पूछताछ में कोई सुराग नहीं मिलने पर अब पुलिस ने आफिस को खंगालने का फैसला लिया है।

जारी है आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला

यूपीपीसीएस की भर्तियां सपा के शासनकाल से विवादों के घेरे में रही है। क्षेत्र और जाति विशेष के लोगों की ही भर्ती को लेकर सीधे अखिलेश यादव पर आरोप लगते रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में यह भी एक प्रमुख मुद्दा था। अब भाजपा के शासन में गड़बली मिलने के बाद से अखिलेश की तरफ से पलट वार किये जा रहे हैं। भाजपा उनके समय की याद दिला रही है लेकिन फिलहाल तो उसकी गर्दन फंसते दिख रही है।

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