बलिया। मासूमों को अगवा करने की वारदात पहले भी हुई है लेकिन करनई गांव (सुखपुरा) में कुछ ऐसा हुआ जिससे लोगों के होश फाख्ता हो गये हैं। चार साल के मासूम शिवम को अगवा करने वाली एक महिला थी और मां ममता यादव के संग दादी की आंखों के सामने सब कुछ हो गया लेकिन उन्हें इसका आभास तक नहीं लगा। खास यह कि मासूम को घर से लेकर हुई फरार होने वाली महिला जिला चिकित्सालय से ही मासूम और उसकी मां का पीछा कर रही थी। परिजनो के माने तो अगवा करने वाली महिला मानव तस्करी गिरोह की सदस्य हो सकती है क्योंकि जिस तरह बेखौफ होकर बडी घटना को अंजाम दिया उससे प्रतीत होता है कि वह पेशवर थी। बहरहाल देर शाम तक मासूम का पता नहीं चला था जिससे +परिजनो का रो-रो कर बुरा हाल था।

कुछ यूं रहा समूचा घटनाक्रम

करनई गांव के संजय यादव की पत्नी व मां अपने चार वर्षीय पुत्र शिवम को लेकर बलिया अस्पताल गए थे। इलाज के समय एक महीला से उन लोगों की नजदीकी बढ़ गई। बाद में जब संजय के परिवार के लोग घर आए तो वह महिला भी उन लोगों के साथ आ गई। घर पर कुछ देर रुकने के बाद वह उन लोगों से वापस अपने घर जाने की बात कही। संजय की मां उस औरत को छोड़ने के लिए वाहन पर बैठाने आई। पीछे से उनका पौत्र भी आ गया। महिला ने बिस्किट खरीदने के बहाने उस लड़के को दुकान पर ले गई। उसके बाद वापस नहीं लौटी। दादी कुछ देर तक सड़क किनारे इंतजार करती रही। देर होने पर वह दुकान के पास गई लेकिन न तो महिला मिली न ही उनका पौत्र। शोर मचाने पर लोग जुटे तब घटना का पता चला।

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