सीएम तक अनसुनी हुई न्याय की गुहार तो विवाहिता दो मासूमों के संग जंजीर बांधकर बैठी धरने पर, मची हडकंंप तो चेती पुलिस

बलिया। विवाह के बाद दो बच्चे हो गये तो पति का मन भर गया। एक साजिश के तहत उसने अपने दोस्त के संग पत्नी को गांव जाने को कहा। योजना के मुताबिक दोस्त डीडीयू स्टेशन पर विवाहिता को दोनों बच्चों के संंग छोड़कर भाग गया। इसके बाद पीड़िता न्याय के लिए दर-दर ठोकर खा रही है। कलेक्टर-कप्तान को प्रार्थनापत्र दिये लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसी ने सीएम योगी के जनता दरबार जाने की सलाह दी। वहां पर जाकर गुहार लगाने पर महिला संरक्षण गृह भेज दिया गया। आजिज आकर मंगलवार को पीड़िता ने खुद के दोनों बच्चों को जंजीर से बांधा और चौराहे पर धरने पर बैठ गयी। सोशल मीडिया में मामला वायरल हुई तो पुलिस-प्रशासन के होश फाख्ता हो गये। आनन-फानन में पहुंची फोर्स पीड़िता को बच्चों के संग लेकर महिला थाने गयी है।

कुछ इस तरह बता रही अपनी ‘कहानी’

महिला का कहना है कि जून 2016 में सुखपुरा थाना क्षेत्र के धरहरा गांव में मेरी शादी बृजेश यादव से हुई। विवाह के बाद सब कुछ ठीक था और कुछ समय के बाद दो बच्चे भी पैदा हुए। उसके बाद पति का मन उचटने लया। साजिश के तहत पति ने मुझे अपने दोस्त के साथ ट्रेन से बलिया भेजा जहां यात्रा के दौरान उसका दोस्त मुझे मुगलसराय स्टेशन पर छोड़ कर भाग गया। तब से न्याय की गुहार लिए मैंने डीएम से लेकर एसपी तक से गुहार लगाई। यहां तक कि सीएम योगी के पास भी जनता दरबार मे भी गई लेकिन वहां से मुझे महिला संरक्षण गृह भेज दिया गया। अब मैं इन बच्चों को लेकर कहां जाऊ? इनका क्या कसूर है? देर शाम तक पुलिस पूछताछ कर रही थी और पति की तलाश हो रही थी।

Related posts