वाराणसी। काशी नगरी कोचिंग हब बन चुकी है। यहां पर कक्षा छह की प्रवेश परीक्षा पास करने के लेकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी करायी जाती है। तमाम लोग इसके जरिये लाखों रुपये प्रतिमाह कमा रहे हैं लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो समाज की बेहतरी के लिए तन, मन और धन लगा रहे हैं। ऐसे मे एक नाम आता है ज्योतिष विभाग काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के शोधछात्र राजा पाठक का जिन्हे ‘राजा भैया’ भी कहते हैं। प्रोफेसर बनने का सपना हर स्टूडेंट का होता है लेकिन मंजिल तक पहुंचना इतना आसान नहीं होता, कई बार गरीबी इनके आड़े आ जाती है। यदि मन में कुछ करने का जज्बा हो, नि:स्वार्थ समर्पण और अपने लक्ष्य की प्राप्ति का भाव हो, तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सफलता पाने से नहीं रोक सकती। राजा भैया के नि:शुल्क अध्यापन संस्थान ने भी कुछ ऐसा कर दिखाया है। न केवल नेट के 250 छात्रों को नि:शुल्क पढ़ाकर समाज के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन किया है, अपितु शत-प्रतिशत परिणाम लाकर नि:शक्त छात्रों के प्रति अपने समर्पण को भी प्रमाणित किया है।

निशुल्क पढ़ाई, गरीब व पिछड़ों का होता चयन

इस कक्षा की विशेषता है कि इसमें नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है और समाज के गरीब एवं पिछड़े विद्यार्थियों को इसमें प्रशिक्षण के लिये चुना जाता है। नि:शुल्क होने एवं पिछड़े बच्चों को लेने के बावजूद भी यह कक्षा प्रतिवर्ष अधिक संख्या में बच्चों को नेट व जेआरएफ में पात्रता (क्वालिफाई) दिलाने में सक्षम होती आयी है। प्रतिवर्ष इस कक्षा में गरीब परिवारों के 250 प्रतिभावान बच्चों का चयन करते होता और फिर उन्हें बिना शुल्क के नेट/ जेआरएफ की तैयारी करवायी जाती हैं। नतीजा, हर बार के नेट परीक्षा के रिजल्ट में उनके अधिक से अधिक बच्चों ने सफलता के झंडे गाड़कर यह सिद्ध भी कर दिया है। राजा पाठक ज्योतिष शास्त्र के तीनो अंगों निष्णात विद्वान होने के साथ साथ ज्योतिष शास्त्र से हटकर, सामान्य ज्ञान, कम्प्यूटर,मैथ, कम्यूनिकेशन, संविधान,पर्यावरण, अंग्रेजी इत्यादि अनेक विद्याओं के भी विद्वान हैं। आप अपने अध्ययन व निजी कार्य,शोध कार्य को दाँव पर लगाकर कई घंटे अध्यापन में बिता देते हैं।

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