सीएम बनने के पहले ही बढ़ने लगी उद्धव की मुश्किलें, वाराणसी कोर्ट में परिवाद दाखिल

वाराणसी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उद्धव के खिलाफ वाराणसी कोर्ट में एक परिवाद दाखिल किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि उद्धव ठाकरे ने काँग्रेस से हाथ मिलाकर हिन्दू जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने एसीजीएम-6 नेहा रूंगटा की कोर्ट में उद्धव ठाकरे के खिलाफ धारा 417, 416, 120 B के तहत परिवाद दाखिल किया। इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई होगी।
हिंदुओं को बरगलाने का आरोप
 एडवोकेट कमलेश चंद्र त्रिपाठी का आरोप है कि उद्धव ठाकरे हिन्दुओ को बरगलाकर और उन्हें छल कर वोट लिया और फिर भगवा आतंकवाद कहने वालों के साथ मिल कर सरकार बना ली, जिससे हिन्दुओ की भावना आहत हुई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में 3 साल की सजा का प्रावधान है। 
एनसीपी और काँग्रेस की मदद से सरकार
शिवसेना ने बीजेपी के साथ विधानसभा में चुनाव लड़ा था। इसके बाद ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों पार्टियों के बीच दूरियां बढ़ गई। शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और एनसीपी से मदद का हाथ बढ़ाया तो दूसरी ओर बीजेपी ने एनसीपी के अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बना लिया। देवेंद्र फडणवीस सीएम और अजित पवार ने डिप्टी सीएम की शपथ ली , लेकिन फ्लोर टेस्ट के पहले ही दोनों ने इस्तीफा दे दिया।

Related posts