कपड़ा सुखाने के लिए बांधी ‘तार’बनी दम्पति के लिए ‘काल’, पत्नी को बचाने में पति भी नहीं बचसका

बलिया। गीले कपड़ों को सुखाने के लिए गांवों हर कोई रस्सी या तार बांध कर रखता है। सुरेमनपुर(बैरिया) गांव में ऐसा ही तार दम्पति के लिए काल बन गया।करेंट की चपेट में आकर पत्नी सरस्वती देवी (55) को छटपटाते देख पति रामबाबू सोनी (55) ने बचाने का प्रयास किया लेकिन वह भी जद में आ गया। जब तक लोगों को इसका पता चलाप्राण-पखेरू उड़ चुके थे। घटना के बाद परिवार व गांव में कोहराम मच गया। सूचना पर मौके पर पहुंचे एसएचओ संजय त्रिपाठी ने उक्त दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दूसरी तरफ बताये जाने पर भी विद्युत विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी अथवा कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।

कुछ इस तरह रहा घटना क्रम

सुरेमनपुर निवासी रामबाबू सोनी की पत्नी ने कपड़ा सुखाने के लिए आंगन में लोहे की तार (रेंगनी) बांधी थी। दुर्भाग्यवश घर आ रही बिजली का तार उसमें कहीं स्पर्श हो गया था। शुक्रवार की सुबह लगभग सात बजे सरस्वती देवी स्नान के बाद अलगनी पर भीगा हुआ कपड़ा सूखने के लिए फैलारही थी, तभी विद्युत करेंट की चपेट में आ गई। उसे बचाने के चक्कर में उनके पति भी विद्युत करेंट की जद में आ गए। इससे दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। स्थानीय विद्युत लाइन बंद कराने के बाद दोनों पति-पत्नी को उठाकर सोनबरसा अस्पताल लेगए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। 

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