वाराणसी। अपर जिला जज (चतुर्दश) महेंद्र श्रीवास्तव की अदालत ने लड़की भगाने के लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में अभियुक्त छोटे लाल, विनोद और पप्पू को आजीवन कारावास तथा 25-25 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना न देने पर अभियुक्तों को 6-6 माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत में अभियोजन पक्ष की पैरवी एडीजीसी मुनीब सिंह चौहान ने की। लंका में साढ़े तीन साल पहले हुई वारदात को लेकर खासा बवाल हुआ था। दो समुदाय का मामला होने के चलते बाद में क्रास एफआईआर भी हुई थी।

विवाहित भगा ले गया था नाबालिग

अभियोजन पक्ष के अनुसार नरिया (लंका) निवासी अभियुक्त छोटे लाल, उसके बेटे विनोद के अलावा परिवार के पप्पू तथा अन्य लोगों ने 19 मई 2014 को इसी क्षेत्र के निवासी मुनव्वर अली को लाठी, डंडा व लोहे की राड से हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिए थे। बीएचयू में इलाज के दौरान 26 मई 2014 मुनव्वर की मौत हो गई। छोटे लाल की लड़की को भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए अभियुक्तों ने मुनव्वर अली को मारपीट था। मुनव्वर की पत्नी ने इन तीनों अभियुक्तों को नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना पूरी कर सात लोगों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने उपरोक्त तीनों अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा दी जबकि साक्ष्य के अभाव चार अभियुक्तों को बरी कर दिया।

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