वाराणसी। मंडुआडीह स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित रेलवे गेट संख्या 3 ए पर साथी गोपाल यादव की पिटाई से क्षुब्ध होकर रेल कर्मियों ने गुरुवार की सुबह 10 बजे से क्रासिंग के बीचो-बीच बैठकर धरना प्रदर्शन किया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के चलते रेलवे फाटक बंद था जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई थी। बाद में किसी तरह समझा-बुझाकर उन्हें रेलवे ट्रैक से हटाया गया तो हावड़ा से इलाहाबाद जाने वाली विभूति एक्सप्रेस को पास हो सकी। इसके बाद रेल कर्मियों ने मंडुआडीह स्टेशन पर भी जमकर हंगामा काटा। पिटाई से जख्मी गोपाल यादव का लहरतारा रेलवे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि आरोपी सिपाहियों के खिलाफ कार्यवाही हो वरना हम लोग इससे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे

सीट बेचने का विरोध करने पर था पीटा

रेल कर्मियों के मुताबिक बुधवार की शाम को शिवगंगा एक्सप्रेस दिल्ली जाने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पर लगी थी तभी जीआरपी के कुछ सिपाही गैरेज खलासी गोपाल यादव से बोगी को खोलने को कहने लगे। गोपाल ने बोगी नहीं खोली और कहा कि अभी समय नहीं हुआ है। इस पर रेल कर्मियों का आरोप है कि 5 सिपाहियों ने गोपाल यादव को मारा-पीटा और उनके पास का तनख्वाह का रुपए और मोबाइल फोन भी छीन कर वहां से चलते बने। रेल कर्मियों की माने थओ जीआरपी के लोग यात्रियों से रुपए लेकर सीट बेचते हैं। इसी से नाराज लगभग 100 की संख्या में महिला पुरुष कर्मियों ने रेलवे क्रासिंग पर विरोध-प्रदर्शन किया और जीआरपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्हें समझाने के लिए आरपीएफ व मंडुवाडीह पुलिस सभी पहुंचे लेकिन उनकी मांग थी आरोपी सिपाहियों के खिलाफ कार्यवाही हो।

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