पॉजिटिव मरीजों के कांटेक्ट ट्रेसिंग में आने वालों को है जांच जरूरी, डीएम का स्पष्ट आदेश कि कार्रवाई होना है तय

वाराणसी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। वजह, पहले से संक्रमित के सम्पर्क में आने वाले इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। डीएम कौशल राज शर्मा ने स्पष्ट किया है कि कांटेक्ट ट्रेसिंग में आये लोगों को अनिवार्य रूप से सैम्पल जांच कराना पड़ेगा। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। साथ ही उन्होंने लैब टेक्नीशियनो को निर्देशित किया कि रोजाना सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक अपना-अपना कार्य पूर्ण करें। समय पर रिपोर्टिंग इत्यादि की जा सके। कोविड पाजिटिव मरीजों के कांटेक्ट ट्रेसिंग वाले व्यक्तियों का सैम्पल जॉच प्राथमिकता पर किया जायेगा। आंगनबाडी एवं आशा कार्यकत्रियों द्वारा जो सर्वे किया जा रहा है, उनका भी जांच कराया जायेगा।

पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी भी लगे

डीएम ने शनिवार को कैम्प कार्यालय में लैब टेक्नीशियन, कम्प्यूटर आपरेटर एवं पशुचिकित्सा विभाग के कर्मचारियों संग बैठक की। उन्होंने बताया कि सैम्पल कलेक्शन में लगे कर्मचारियों की मदद के लिए पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों को लगाया जायेगा। प्रत्येक पीएचसी पर एक डाटा इन्ट्री आपरेटर लगाकर डाटा फीडिंग का कार्य कराया जायेगा। इसके अलावा आंगनबाडी एवं आशा कार्यकत्रियों द्वारा जो सर्वे किया जा रहा है, उनका भी जांच करायी जायेगी।

अर्ली डिटेक्शन-अर्ली कैचिंग

डीएम ने कहा कि अर्ली डिटेक्शन-अर्ली कैचिंग कांसेप्ट पर सभी टीमों द्वारा कार्य किया जायेगा, ताकि मरीजों की पहचान समय रहते कर ली जाय और उनका बेहतर इलाज हो सके। एलटी द्वारा शिकायत की गयी कि कांटेक्ट ट्रेसिंग वाले व्यक्तियों द्वारा सैम्पल देने में समस्या किये जाने की जानकारी पर डीएम ने निर्देशित किया कि जो लोग कांटेक्ट ट्रेसिंग में आये है उन्हें अनिवार्य रूप से सैम्पल जॉंच कराना पड़ेगा, अन्यथा उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बैठक में सीएमओ, एसडीएम राजातालाब, डिप्टी कलेक्टर माल, बीएसए, सहायक डीआईओएस सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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