इस बार रक्षाबंधन पर न ग्रहण की छाया न ही भद्रा का डर समाया, बहनें ‘सौभाग्य’ व ‘शोभन’ योग में बांधेगी राखी

वाराणसी। भाई बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन इस बार बेहद खास होगा। इस बार न ग्रहण की छाया है न भद्रा का ही झंझट है। राखी बांधने के लिए गुरुवार 15 अगस्त को पूरे दिन भर का समय मिल रहा है। भद्रा बुधवार 14 अगस्त को दिन में 2:27 से लगकर रात्रि 3:35 तक रहेगी। इसीलिए गुरुवार 15 अगस्त को प्रात: काल से दिनभर तक रक्षाबंधन मनाया जायेगा। इसके अलावा 15 अगस्त को दिन में 12:55 तक सौभाग्य योग है। उसके बाद शोभन योग लग रहा जो इस वर्ष के रक्षाबंधन में विशेष संयोग बना रहे हैं।

इस तरह बांधे राखी

व्रती को चाहिए कि उस दिन प्रात: स्नान आदि करके वेदोक्त विधि से रक्षाबंधन, पित्र तर्पण, और ऋषि पूजन करें। रक्षा के लिए किसी विचित्र वस्त्र या रेशम आदि की रक्षा बनावें। उसमें सरसों, सुवर्ण, केसर, चन्दन, अक्षत और दूर्वा रखकर रंगीन सूत के डोरे में बांधे अपने मकान के शुद्ध स्थान में कलशादि स्थापना करके उस पर उसका यथा विधि पूजन करें। फिर उसे बहन भाई को, मित्रादि परस्पर दाहिने हाथ में ‘येन बद्धोबलि राजा दानवेन्द्रो महाबल:,तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल’इस मंत्र से बांधे बांधने से वर्ष भर तक पुत्र पौत्रादि सहित सभी सुखी रहते हैं।

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