तमाम ‘निर्देशों’ पर भारी पड़ा यह ‘आदेश’, फैसला मंदिर को लेकर लेकिन मयखानों की बंदी से नहीं मना ‘जश्न’

वाराणसी। श्री राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले ही पुलिस एलर्ट मोड पर थी। आशंका जतायी जा रही थी कि इस निर्णय के विरुद्ध यदि किसी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया (ट्वीटर/फेसबुक/व्हाट्सअप/इन्स्ट्राग्राम/यूट्यूब/मैसेन्जर आदि) पर आपत्तिजनक या भ्रामक सूचना फैलायी तो आपसी भाई-चारा और सौहार्दपूर्ण वातावरण प्रभावित होने की संभावना रहेगी। ऐसे मैसेजों पर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगाने के साथ एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने चेताया था कि अगर इस तरह के मैसेज किसी के संज्ञान में आते है तो तत्काल सोशल मीडिया सेल के मो 7839857011 को सूचित करें, जिससे उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जा सके। बावजूद इसके फैसले के पहले ही शराब की दुकानों को दो दिन बंद करने का आदेश खासा प्रभावी दिखा। अघोषित छुट्टी के चलते दोपहर बाद लोग जश्न मनाने के मूड में निकले तो दुकाने बंद मिली। लोग कहते दिखे कि आदेश मंदिर को लेकर था और बंद करा दिया मयखाना।

न फूटे पटाखे न ही निकले जुलूस

तैयारियों के क्रम में पुलिस ने काशी में आपसी भाई-चारा व सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाये रखने की खातिर किसी भी तरह की आतिशबाजी या पटाखा फोड़ने पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा उत्सव या जूलूस निकालने पर पूर्णतया प्रतिबन्ध रखा। इस बाबत शिकायतें मिलने पर कुछ व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही भी की गयी है। एसएसपी ने चेता दिया था कि यदि कहीं पर इस तरह की सूचनायें मिलती है तो उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जायेगी। साथ ही इसके सम्बन्ध में किसी भी तरह की सूचना के लिए कन्ट्रोल रुम का नंबर 9454401645 या 9454417477 प्रचारित किया गया था।

एडीजी की अगुवाई में चक्रमण करती रही फोर्स

श्री राम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद पर माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय के परिप्रेक्ष्य में जनपद वाराणसी में कानून/शान्ति व्यवस्था एवं आपसी भाई-चारा व सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाये रखने हेतु एडीजी वारणसी जोन ब्रज भूषण, आईजी रेंज विजय सिंह मीना तथा एसएसपी वाराणसी मय पुलिस बल के साथ पैदल भ्रमण करते रहे।

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