यूं ही नहीं जुट रही है प्रवासी मजदूरों की इस तरह की भीड़, कहीं इसके पीछे कोई सोची समझी ‘साजिश’ तो नहीं!

वाराणसी। पिछले दो दिनों से प्रदेश पुलिस लोगों को सड़क पर रोकने से अधिक बस स्टैंडों पर जुटने वाली भीड़ को लेकर हलकान है। नई दिल्ली से शुरू हुआ सिलसिला लखनऊ होते हुए शनिवार की देर शाम पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी तक आ पहुंचा। सभी स्थानों पर समानता एक मिली है कि उन्हें बताया गया कि अपने घरों को जाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया है। यह एक संयोग नहं हो सकता लेकिन हजारों लोगों का इस तरह इकट्ठा होना किसी सियासी साजिश का संकेत लग रहा है। लॉकडाउन में फंसे लोगों को इस तरह बहका कर उन्हें आगे करने के पीछे किसकी साजिश है यह स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन पूरे प्रदेश का पुलिस-प्रशासन इसे लेकर खासा हलकान है। इसकी बानगी शनिवार की देर शाम रोडवेज बस स्टैंड पर देखने को मिली।

अचानक उठाया गया प्रवासी मजदूरों का मुद्दा

गौरतलब है कि शुक्रवार की दोपहर बाद तक समूचे देश के इलेक्ट्रानिक से लेकर सोशल मीडिया पर सिर्फ कोरोना का मुद्दा चल रहा था। अचानक ही कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी प्रवासी मजदूरों के फंसे होने की बात उठाती है। नतीजा, देर शाम तक 10 हजार से अधिक लोग आनंद विहार समेत दूसरे अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर पहुंचने लगते हैं। सभी का एक ही कहना होता है कि उन्हें बताया गया है कि घरों तक पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया है। अगले दिन शनिवार को उनके पुत्र और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल भी इसी मुद्दे को दोहराते हैं तो प्रदेश के दूसरे महानगरों में कमोवेश यही मंजर देखने को मिलता है। सुनियोजित तरीके से सभी को एक अफवाह के जरिये जुटाया जाता है।

इटली सरीखे न हो जाये हालात

जिस तरीके से बस स्टैंड पर लोगों का जमावड़ा हुआ था उससे पुलिस-प्रशासन के अधिकारी हैरान थे। सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर यहां पर एक दूसरे से सटे लोगों का जमावड़ा था। देखने से लग रहा था कि यहां भी हालात कहीं इटली सरीखे न हो जाये क्योंकि इनमें से एक भी कोरोना संक्रमित हुआ तो हजारों नहीं लाखों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। उत्तर प्रदेश के साथ बिहार में यह महामारी फैली तो इसे रोकना नामुमकिन होगा। रोड़वेज बस स्टैंज पहुंचे एसपी सिटी दिनेश सिंह, एडीएम सिटी विनय सिंह, सीओ चेतगंज अनिल कुमार, सीओ दशाश्वमेध प्रीति त्रिपाठी ने वहां मौजूद लोगों को किसी भी बस के चलने की बात को पूरी तरह अफवाह बताते हुए उनसे अपील की। बावजूद इसके सभी को अपने-अपने गंतव्य को रवाना करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।

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