आगरा। ऐसा लग रहा है कि यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर अब बीजेपी नेताओं की आंखों में खटकन लगे हैं। उनके विवादित बयान पर बीजेपी के एक सांसद ने पलटवार किया है। फतेहपुर सिकरी से सांसद चौधरी बाबूलाल ने उन्हें गठबंधन से बाहर करने और पागलखाने भेजने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर अपनी औकात भूल गए हैं। आज वो जो कुछ भी हैं, बीजेपी की बदौलत हैं। वह केवल राजभर समाज के वोटों से नहीं बल्कि भाजपा के दम पर चुनाव जीते हैं।’

ओमप्रकाश के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सांसद बाबूलाल ने कहा कि ‘जब दीपक बुझने वाला होता है तो वह तेज लौ में जलने लगता है। ऐसे ही जब इंसान के पतन के दिन आते हैं तो वह ऐसी हरकतें करने लगता है। ओम प्रकाश राजभर का प्रधानमंत्री मोदीजी के खिलाफ इस तरह का बयान देना, यह बहुत ही घमंड भरा बयान है। मैं चाहूंगा कि ऐसे आदमी के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई हो।’ दरअसल दो दिन पहले मऊ में ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा विरोधी बयान दिया था। उन्होंने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘यूपी में भाजपा एक महीने में जितना खर्च करती है, उतने का तो उनकी बिरादरी वाले एक दिन में शराब पी जाते हैं।’

‘गढ़’ में घेरने की कोशिश
वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने ओमप्रकाश राजभर को उनके गढ़ में घेरने की तैयारियां शुरू कर दी है। राजभर बिरादरी में ओमप्रकाश के वर्चस्व को तोड़ने के लिए बीजेपी ने अनिल राजभर को चुना है। गाजीपुर में मंत्री अनिल राजभर की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। पिछले दिनों जहूराबाद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित पंडित दीन दयाल उपाध्याय जन शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अनिल राजभर शामिल हुए थे। दिलचस्प बात ये हैं कि ठीक इसी दिन सुभासपा की ओर से भी एक बड़ा कार्यक्रम रखा गया। सूत्रों के मुताबिक दोनों दलों में दरार झलकने लगी है। ओमप्रकाश राजभर की बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति काम नहीं आ रही है। पूर्व जिलाधिकारी संजय खत्री के ट्रांसफर के मुद्दे को लेकर नाराज चल रहे ओमप्रकाश राजभर अब भी बीजेपी से खफा दिख रहे हैं।

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