पूरा शहर रहता ‘जाम’ और ‘साहब’ रोज सुना देते हैं नया फरमान, प्रतिबन्धों से आजिज आकर ड्राइवरों ने लगायी गुहार

वाराणसी। शहर को जाम से दिलाने की खातिर एसएसपी आनंद कुलकर्णी खुद सड़कों पर उतरने के साथ पैदल चक्रमण कर समस्याओं की जानकारी ले रहे हैं। इससे इतर एसपी ट्रैफिक रोज एक नया फरमान जारी करने के संग डायवर्जन और कट बंद कराने में जुटे रहते हैं। दशा यह हो चुकी है कि जिन स्थानों पर कट बंद हुए हैं वहां के आगे यूटर्न लेने में लंबा जाम लग जा रहा है। तमाम कवायद के बावजूद न तो शहर में भारी वाहनों का आना बंद हुआ न ही लाइलाज रोग बन चुके रथयात्रा-मलदहिया मार्ग पर लगे वाला लंबा जाम समाप्त हुआ। रोजाना लागू हो रहे नये नियमों और प्रतिबन्धिों से आजिज आकर मंगलवार को आॅटो और टोटो चालकों ने हड़ताल कर दी। बगैर किसी पूर्व सूचना के हुई इस हड़ताल से लोग खासे हलकान हुए। बाहर से आने वाले कोई साधन न मिलने पर सिर पर सामान लादकर पैदल जाते दिखे। सैकड़ों की संख्या में आॅटो और टोटो चालकों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर भी प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी से मिलकर अपनी शिकायत का समाधान निकालने की गुहार लगायी।

एसपी ट्रैफिक पर लगाये मनमानी के आरोप

एसपी यातायात पर मनमाने प्रतिबन्ध लगाने का आरोप लगाते हुए शहर के दो हजार से अधिक आॅटो और टोटो चालक मंगलवार को हडताल पर रहे। आॅटो चालकों का कहना था कि कई बार हमारे संघ और हम सभी ने बैठकर एसपी यातायात से वार्ता की। शहर में जाम की समस्या को लेकर काफी सुझाव दिये लेकिन आज तक किसी पर अमल नहीं हुआ। अलबत्ता रोजाना एक ऐसा नियम लागू कर दिया जा रहा है जिससे हमारा शोषण किया जा सके। हड़ताल के चलते शहर के प्रमुख चौराहों इंग्लिशिया लाइन, मैदागिन, लंका, भोजूबीर, कचहरी, कैंट आदि जगहों पर वाहनों की कमी से यात्री परेशान और पैदल नजर आये। दूसरा पहलू यह रहा कि सिटी बसों में रोजाना की तुलना में यात्रियों की अत्यधिक संख्या दिखी।

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