वाराणसी। सर्वाधिक सुरक्षित इलाका माने जाने वाले छावनी के जेएचवी मॉल में अंधाधुंध फायरिंग कर दो की जान लेने और दो को गंभीर रूप से जख्मी करने के पीछे वजह मामूली थी। क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह ने वारदात को अंजाम देने में शामिल 25 हजारा इनामी रोहित सिंह निवासी भभुआ-कैमूर (बिहार) हालपता निराला नगर (सिगरा) को दबोचा तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने शुक्रवार को गिरफ्तार आरोपित को मीडिया के सामने पेश करते हुए घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी। रोहित ने कबूल किया कि वह काशी विद्यापीठ से पढ़ाई के बाद के समय में जेएचवी माल में फ्लाइंग मशीन के शोरूम में सेल्समैन के पद पर कार्य करता हूं। मुख्य आरोपित आलोक उपाध्याय के साथ विद्यापीठ में पढ़ने के दौरान दोस्ती हो गई थी। हम निराला नगर में किराया पर एक रूम लेकर साथ रहते है। आलोक के गर्लफ्रेंन्ड की छोटी बहन भी जेएचवी माल के प्यूमा शोरूम में सेल्समैन थी जिसको वही का दूसरा सेल्समैन प्रशान्त परेशान करता था। जब आलोक ने प्रशान्त को डराया धमकाया तो प्रशान्त ने आलोक के गर्लफ्रेंन्ड की बहन को नौकरी से निकलवा दिया था और प्रशान्त ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर नदेसर पर आलोक को मारा-पीटा भी था।

इरादा था धमकाना, हो गया कुछ और

आलोक ने यह बात मेरे संग कुन्दन व ऋषभ को बताई थी। गर्लफ्रेंड ने भी आलोक को बहुत धिक्कारा था। तब हम लोगों ने प्रशान्त को सबक सिखाने की योजना बनाई थी। योजना के मुताबिक हम लोग प्रशान्त को माल के बाहर बुलाकर मारना चाहते थे। प्रशान्त को बातों में उलझाकर बाहर ले जाने की जिम्मेदारी मेरी थी। योजना के मुताबिक मैं बिना चेकिंग इनलोगों को माल के अंदर ले गया लेकिन प्रशान्त को बहुत देर तक माल के अंदर खोजने के बाद भी नही मिला। आलोक, ऋषभ व कुंदन शोरूम में प्रशान्त को न मिलने पर वहां मौजुद सेल्समैनों को धमकी देकर बाहर आने लगे कि शोरूम के कर्मचारियों द्वारा आलोक को पकड़ लिया और मार-पीट की जाने लगी। उसकी पिस्टल छीन ली गयी तो अपने मित्र को घिरा देख कुंदन व ऋषभ अपने पास लिए पिस्टलों से फायरिंग शुरू कर दिये वहां अफरा-तफरी मच गई थी और हम लोग वहां से भाग लिये। मुझे रात में पता चला कि वहां पर हम लोगों द्वारा चलाई गई गोलियों से दो लोग मर गये है और दो लोग घायल है, मै बहुत डर गया था । आलोक, ऋषभ व कुंदन मुझे छोड़कर भाग गये है। मैं बनारस में पुलिस क्या कर रही है इसकी सूचना देने के लिए सारनाथ अपने दोस्त के यहां रूका था और आज बिहार भागने के फिराक में सारनाथ स्टेशन जा रहा था कि पकड़ा गया।

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