गद्दी पर बनी दीवार तभी हो गयी हत्याकांड की पटकथा तैयार! विवाद खत्म करने के व्यर्थ गये सभी प्रयास

वाराणसी। काली महाल में शनिवार की अल सुबह हुए दोहरे हत्याकांड की पटकथा का फीपहले ही तैयार हो गयी थी। दरअसल कर्मकांडी ब्राह्मणराधेश्याम उपाध्याय की मौत के बाद से उनके पुत्र कृष्णकांत और राजेन्द्र के बीच पैतृक सम्पति के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हो गया। पिशाच मोचन की गद्दी पर कई बार मारपीट की नौबत आ गयी। दोनों ही खुद को राधेश्याम का पुत्र बताते हुए जजमान पर अपना दावा करते थे। पुलिस ने वहां पर दीवार बनवा दी लेकिन इससे दिल की दूरी बढ़ गयी। इसके बाद पैतृक मकान को लेकर विवाद को निपटाने के लिए पुलिस से लेकर क्षेत्रीय सांभ्रात लोगों ने प्रयास किये लेकिन अंतत: वही हुआ जिसका लोगों को पहले से अंदेशा हुआ। तहरीर में राजेन्द्र के संग उनकी अधिवक्ता पत्नी, बेटे सहित पांच लोगों पर हत्या का आरोप है।

अंदेशा जताने पर भी पुलिस ने की अनसुनी!

दुस्साहसिक वारदात के बाद पुलिसिंग भी सवालों के घेरे में है। दरअसल मृतक के बेटे सुमित ने आला अधिकारियों के सामने इलाकाई पुलिस की कारगु जारीबयां की है। सुमित का साफ आरोप है कि शुक्रवार की शाम हीवारदात को अंजाम देने के लिए असलहे आ चुके थे। लल्लापुरा पुलिस चौकी पर जाकर उसने दरोगा से गुहार लगायी थी। अंदेशा जताया था कि पूरा मकान हड़पने की खातिर चाचा ने बदमाशों को हत्या की सुपारी दे रखी है। दरोगा ने पूरी तरह से नदरंदा जही नहीं किया बल्कि डपट पर भगा दिया। इसका नतीजा रहा कि सुबह हमलावरों के साथ चाचा के परिवार ने गोली बरसा करमा-बाप को मार डाला और हम लोगों को मारने की कोशिश की। 

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