गाजीपुर। केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा शनिवार को वाराणसी-बलिया रेलखंड पर हो रहे दोहरीकरण और विद्युतीकरण का निरीक्षण करने के लिए निकले। स्पेशल सैलून में आला अधिकारियों के साथ सवार मनोज सिन्हा ने कई जगहों पर योजना से संबंधित कार्यों का जायजा लिया। हालांकि इस दौरान एक वाक्या ऐसा भी आया जब रेलमंत्री के साथ चल रहे आला अफसरों के हाथ पांव फूलने लगे। दरअसल विकास खंड करंडा के अतंर्गत मुड़वल गांव के पास ग्रामीणों ने रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के स्पेशल सैलून को लाल झंडी दिखाकर रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि एनएच पर आवागमन के लिए रेलवे ट्रैक के नीचे से छोटी पुलिया है जो कि काफी सकरी है, जिससे उन्हें काफी दिक्कत होती है। उन्होंने मांग की कि बड़ी पुलिया का निर्माण कराया जाए।

मनोज सिन्हा ने अधिकारियों को दिए निर्देश

इसके पहले निरीक्षण के दौरान रेल राज्य मंत्री ने औड़िहार में डेमू शेड एवं ट्रैक्शन सब स्टेशन का गहन निरीक्षण किया।औ निर्माण से होने वाले विभिन्न लाभों के विषय मे क्षेत्रीय जनता एवं नई-दिल्ली से आए प्रतिनिधियों को विस्तार से बताया। इसके बाद सिन्हा गाजीपुर सिटी स्टेशन पहुंचे जहां से सड़क मार्ग से गंगा नदी पर पहुंचे और गाजीपुर में ताड़ीघाट – मऊ  नई  रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत गंगा नदी पर निर्माणाधीन रेल सह सड़क वृहद पुल का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने गंगा नदी में नौकायन कर निर्माण कार्य की समीक्षा की साथ ही नियत समय दिसम्बर 2019 तक पुल के गुणवत्तायुक्त निर्माण होने का विश्वास दिलाया। उन्होंने बताया 14 नवम्बर 2016 में माननीय प्रधानमंत्री जी ने इस पुल  का शिलान्यास किया था। सिन्हा ने रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों को कम समय में उच्च तकनीकी का इस्तेमाल कर फाउंडेशन वर्क (पाइलिंग) कार्य पूरा करने के लिए साधुवाद दिया।

admin

No Comments

Leave a Comment