चीफ प्राक्टर पर आरोपित की सोशल मीडिया पर जिस ‘पोस्ट’को ‘वायरल’ करने का आरोप उसमें कितनी है सच्चाई!

वाराणसी। बीएचयू की चीफ प्राक्टर रोयना सिंह नित नये विवादों में घिरती जा रही है। गौरव सिंह की हत्या में उनको साजिशकर्ता के रूप में नामजद किये जाने के बाद उससे जुड़े छात्रों ने नया आरोप लगाया है। चीफ प्राक्टर पर हत्यारोपित बने कुमार मंगलम की एफबी पोस्ट व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल करने का आरोप लगाया गया है। बावजूद इसके इस पोस्ट में जो आरोप लगाये गये हैं उसके दायरे में लंका इंस्पेक्टर से लेकर बीएचयू में तमाम आरोपों के दायरे में आने वाले आशुतोष सिंह इशू से लेकर गोली का निशाना बने गौरव भी हैं। बहरहाल चीफ प्राक्टर के बाहर रहने के चलते उनका पक्ष सामने नहीं आ सका है लेकिन यह तो तय है कि छात्रों के बीच गुटीय लड़ाई की जानकारी पुलिस ही नहीं दूसरों को भी थी लेकिन किसी ने इस पर ध्यान देते हुए कार्रवाई नहीं की।

अपनी जान को बताया था खतरा

गौरव की हत्या में जेल भेजे गये कुमार मंगलम सिंह ने अपने फेसबुक वॉल पर लंका के मौजूदा इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी, आशुतोष सिंह इशू और मृतक छात्र गौरव सिंह उर्फ बग्घा से अपनी जान को खतरा बताया था। आला अधिकारियों से लेकर पीएम-सीएम तक से गुहार लगाते हुए अंदेशा जताया था कि यदि उसे कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार यही तीनों होंगे। पोस्ट 29 मार्च को डाली गयी थी और दो अप्रैल की शाम गौरव को बिडला हास्टल के सामने गोली से छलनी कर दिया गया था।

आरोपितों के संग साठ-गांठ के हैं आरोप

एमसीए से निष्कासित और गोली का शिकार बने गौरव के साथियों का आरोप है कि आरोपितों के संग चीफ प्राक्टर की साठ-गांठ ही नहीं थी बल्कि उन्होंने इन लोगों के संग बैठक भी की थी। साजिश के तहत वह बाहर चली गयी जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। व्हाट्सएप ग्रुप पर आरोपित की एफबी पोस्ट को वायरल करना दर्शा रहा कि वह साजिश का हिस्सा थी। बहरहाल गौरव के साथी अब चीफ प्राक्टर को हटाने से लेकर गिरफ्तारी की मांग पर अडे हैं।

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