वाराणसी। एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में 50 हजारा इनामी रोहित सिंह सन्नी के मारे जाने के बाद शहर ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के व्यापारियों के लिए कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर और दो दर्जन से अधिक मामलों का आरोपित रामबाबू यादव बड़ा सिरदर्द था। माफिया डान मुन्ना बजरंगी के लेप्टीनेंट कहे जााने वाले शार्प शूटर बाबू यादव के भांजे रामबाबू पर 25 हजार का इनाम था लेकिन वह पुलिस को छकाता फिर रहा था। बुधवार की शाम सिंहपुर (सारनाथ) इलाके में साहसिक मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह की टीम ने रामबाबू को धर-दबोचा। गोली लगने के चलते रामबाबू गिर गया लेकिन उसका 12 हजारा इनामी साथ दीपक वर्मा अंधेरे का लाफ उठा कर भागने में सफल रहा। बदमाशों की गोली विक्रम के सीने पर लगी लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के चलते उनकी जान बच गयी। मुठभेड़ की जानकारी मिलने पर एसएसपी आरके भारद्वाज, एसपी सिटी दिनेश सिंह समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गये।

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जमानत पर छूटने के बाद वारदात को दे रहा था अंजाम

गौरतलब है रामबाबु को पिछले वर्ष जुलाई में शिवपुर क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में तत्कालीन शिवपुर थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा और क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम सिंह की टीम ने पकड़ा था। अस समय भी उसके साथी रौशन गुप्ता किट्टू और देवेंद्र मिश्रा भागने में सफल रहे थे। सिद्धगिरी बाग क्षेत्र में मारे गए शार्प शूटर बाबू यादव के भांजे रामबाबू ने सितम्बर 2011 को खालिसपुरा(दशाश्वमेध) में लस्सी विक्रेता गोपाल यादव की भी 9 एमएम पिस्टल के लेन-देन के विवाद में हत्या कर दी थी। इस वारदात में उसके साथ जुलाई 2015 को एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया रोहित सिंह उर्फ सनी सिंह भी शामिल था। सन्नी के मारे जाने बाद व्यापारियों से उगाही की कमान रामबाबू ने संभाल ली थी।

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