आजमगढ़। लोकसभा की दो सीटों पर उपचुनावों में मिली हार के बाद जहां विरोधी दल भाजपा को घेरने में लगे हैं तो वहीं पार्टी में भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। दशा यह है कि जिस बाहुबली पूर्व सांसद रमाकांत यादव को सीएम योगी पार्टी में ले आये थे वह भी उनके खिलाफ टिप्पणी से नहीं चूक रहे। कुछ समय से उपेक्षित चल रहे रमाकांत में मुफीद मौका भुनाते हुए सीधे सीएम पर आरोप लगाये। रमाकांत ने यहां तक कह दिया कि पिछड़ों-दलितों की उपेक्षा के चलते ऐसे परिणाम आये हैं। समय पर नहीं चेते तो आगामी लोकसभा चुनाव में ऐसा ही हश्र होगा। सभी जातियों को जो सम्मान मिलना चाहिये वह योगी नहीं दे रहे हैं।

कुछ दिनों से दे रहें है विवादित बयान

रमाकांत ने योगी पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि जब सरकार बनी थी तब सोचा गया था कि सभी को मिलाकर चलेंगे लेकिन पूजा-पाठ करने वाले को सीएम बना दिया गया। उनके बस का सरकार चलाना नहीं है। गौरतलब है कि पूर्व सांसद इससे पहले केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ पर भी तीखे तंज कस चुके हैं। इसके बाद उन्हें पार्टी के बड़े कार्यक्रमों में स्थान नहीं दिया जाता है। अलबत्ता उनके विधायक पुत्र अरुण यादव को जरूर मंच पर जगह मिलती है। रमाकांत के इस बयान से प्रतीत हो रहा है कि पार्टी में उपेक्षा से वह मौके की तलाश में थे और इसके साथ सीधे सीएम पर प्रहार किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि पार्टी में बने रहेंगे और जो गलत लगेगा उससे आगाह करेंगे।

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