उल्टा पड़ गया ‘दांव’ जब मकान की छत से कूदने पर टूटे युुवतियों के ‘हाथ-पांव’, अब पुलिस देती फिर रही है ‘सफाई’

वाराणसी। किसी भी स्थान पर देर रात हूटर बजाते पुलिस के पहुंचने पर आसपास के लोग सशंकित हो जाते हैं। वह भी ऐसे स्थान पर जहा देर रात तक संदिग्ध लोगों का लक्जरी वाहनों से आना जाना रहता हो। बावजूद इसके रविवार की रात तुलसीपुर-महमूरगंज स्थित एक मकान पर पहुंचना पुलिस के लिए गले की ‘फांस’ बन गया। दरअसल यहां पर दो युवतियां मकान की छत से पहली मंजिल पर छलांग लगाने के चलते गंभीर रूप से जख्मी हो गयी। आनन-फानन में दोनों को मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रभारी थाना इंचार्ज संग सीओ भी पहुंच गये लेकिन घटनाक्रम को लेकर कुछ बताने में कतराते दिखे। अलबत्ता इस पर जरूर जोर दिया कि दोनों युवतियां खुद छत से कूदी हैं और बाकायदा इसकी डायल 100 पर फोन कर सूचना भी दी थी।

बाहरी युवतियां, दर्ज करायी थी मुकदमा

एसएसआई भेलूपुर विश्वनाथ प्रताप सिंह के मुताबिक जख्मी युवतियां राधा सोनकर व तन्वी तिवारी मूल रूप से नैनी (प्रयागराज) की रहने वाली है। सोमवार को इनकी तहरीर पर सुमन उर्फ मंजू के खिलाफ आईपीसी की धारा 382 के तहत रपट दर्ज किया गया था। आरोपी महिला की तलाश की जा रही है। आशंका जतायी जा रही है कि दोनों युवतियों नौकरी दिलाने के नाम पर दो दिन पहले आरोपिता ने बुलाया था। आसपास रहने वालों का कहना है कि मकान आलोक तिवारी का है जो सपरिवार बाहर रह कर नौकरी करते हैं। पिछले दो माह से एक महिला घर में रह रही थी। रोजाना ही यहां अनजान महिलाओं और पुरुषों का आना-जाना रहता था लेकिन क्यों इसका पता नहीं।

शरीर पर चोटों के भी निशान

गौरतलब है कि अस्पताल में भर्ती महिलाओं के शरीर पर जख्मों के भी निशान मिले हैं। आशंका उनके साथ मारपीट की भी जतायी गयी लेकिन दोनों ने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। अलबत्ता एक्स-रे से स्पष्ट हुआ है कि एक के पैर की हड्डी टूटी है तो दूूसरी के हाथ की। खास यह कि अस्पताल लाने के बाद पुलिस का जोर पहले भर्ती कराने पर था जबकि मेडिकल मुआयना और मेमो की औपचारिकता को नदरंदाज करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। सूत्रों की माने तो दोनों युवतियों को बंधक बना कर रखा गया था और इससे मुक्त होने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया। बहरहाल इस बाबत न तो दोनों युवतियां अपना मुंह खोल रही है न ही पुलिस।

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