बेटा न बन सके ‘प्रतिद्वंदी’ इस खातिर ‘प्रधान पिता’ ने लाठियों से पिटवाकर जान ले ली! एसपी ने किया चौंकाने वाला खुलासा

आजमगढ़। कहा जाता है कि राजनीति में पद और कुर्सी की लालसा ‘रिश्ते’ नहीं देखती। कोई अपना सगा नहीं होता भले वह अपना बेटा क्यों न हो? कुछ ऐसा ही देखने को मिला मेंहनगर थाना क्षेत्र में जहां आने वाले ग्राम प्रधान के चुनाव में पिता के खिलाफ ताल ठोकने की तैयारी कर रहे पुत्र को उसके ही प्रधान पिता ने सरेबाजार लाठीयों से पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। यही नहीं बेटे की हत्या के करने के बाद पिता पुलिस को सूचना देने के बजाय गांव के बाहर ही शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे लेकिन ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने चिता से शव को अपने कब्जे में ले लिया। आरोपित पिता को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की गयी तो उसने जुर्म कबूल करते हुए सिलसिलेवाार ढंग से पूरी दास्तान बतायी।

एमएलसी के साथ रहकर सीखा राजनीति का ककहरा

एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक गद्दीपुर गांव (मेंहनगर) के हवलदार यादव अपने गांव के वर्तमान प्रधान है। उनके चार पुत्र हैं जिसमें तीसरे नम्बर का पुत्र नाटे यादव शरारती किस्म का भी है और आये दिन वह किसी न किसी से उलझ जाता था। नाटे पूर्व एलएलसी कमला प्रसाद के यहां रहता था। पूर्व एमएलसी की राजनैतिक पहुंच, पद और प्रतिष्ठा को देखकर उसने भी राजनीति में उतरने की ठान लिया। इसके लिए उसने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया, वह भी अपने पिता हवलदार यादव के खिलाफ। इस दौरान नाटे ने अपनी एक अच्छी खासी गैंग भी तैयार कर लिया था। चुनावी मैदान में बेटे के ताल ठोकने से पिता हवलदार यादव काफी परेशान थे। इसी को लेकर पिता और पुत्र में काफी दिनों से विवाद और मारपीट भी होती हुई चली आ रही थी।

पिता को पता लग गयी अपनी ‘सुपारी’

इस विवाद से छुड़कारा पाने के लिए बेटे ने चुनावी मैदान से ही पिता को हटाने के लिए साजिश रचनी शुरू कर दिया। इसके लिए उसने अपने ही गैंग के तीन लोगों को अपने पिता की हत्या की सुपारी दे दिया। यह बात कहीं से लीक हो गयी और पिता हवलदार को जब पता चली तो वह आग बबूला हो गया और बेटे की तलाश शुरू कर दिया। शुक्रवार को बाजार में बेटा नाटे यादव शराब पीकर मस्त था तभी उसके पिता हवलदार यादव उसकी तलाश करते हुए वहां पहुंचे। सामने देखते ही बेटे को लाठियों से पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या की जानकारी पुलिस को भी नहीं दी। अपने कुछ लोगों के साथ पिता हवलदार यादव ने शव को ठिकाने लगाने के लिए गांव के बाहर ही चिता तैयार कर बेटे के शव का अंतिम संस्कार करने जा रहा था लेकिन ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को चिता से अपने कब्जे में ले लिया और आरोपियों की तलाश में जुट गयी।

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