कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर की ‘घेराबंदी’ को सपा-बसपा का ‘कदमताल’, भाजपा को कोसने संग मदद का भरोसा

वाराणसी। हरसोस गांव (जंसा) में दीपावली के अगले दिन पुलिस की कार्रवाई का शिकार बनने वाले ‘बिरादरी’ से जुड़े थे लिहाजा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने चार दिनों में एक नहीं बल्कि दो दौरा कर लिया। इसकी काट के लिए शनिवार को सपा नेत्री शालिनी यादव व बसपा नेता देवब्रत शर्मा के नेतृत्व में सपाइयों और बसपाइयों का एक प्रतिनिधिमंडल गांव में पहुंचकर पुलिस की निर्मम पिटाई से घायल हुए महिलाओ और पुरुषों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इस दौरान सपा नेत्री व बसपा नेता ने पीड़ितों को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया। सपा नेत्री ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा राज में समूचे प्रदेश में जंगल राज कायम हो गया है। हरसोस कांड तो उसकी एक बानगी है।

पुलिस की कार्रवाई पर उठाये सवाल

सपाइयों ने कहा कि हरसोस गांव में पुलिसकर्मियों ने बगैर महिला पुलिस को लिए ही घरो में घुस कर पुरुषों को गिरफ्तार कर थाने ले जाने के बाद महिलाओ को पीटने के साथ दुर्व्यव्हार किया जिसे सपा के लोग कत्तई बर्दास्त नही करेगे। सपा नेत्री ने कहा कि हरसोस की घटना के लिए समूचे पुलिस तंत्र के साथ भाजपा सरकार जिम्मेदार है। पुलिस ने बर्बरता पूर्वक निरीहों पर लाठी बरसा कर अंग्रेजी हुकूमत की याद ताजा कर दिया है। सपाइयों और बसपाइयों ने कहा कि पुलिस ने कई नाबालिकों को भी बेरहमी से पीटने के बाद जेल भेज दिया है। यदि सरकार ने पीड़ितों को न्याय नही दिया तो हम लोग सड़क पर उतर कर आंदोलन करेगे। सपा नेत्री ने सूबे के मंत्री अनिल राजभर पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि वह बस्ती में आकर पीड़ितों से मिले,परंतु घटना के चार दिन बीतने के बाद भी पीड़ितों को न्याय नहीं दिला सके। सपाइयों के प्रतिनिधि मंडल में अमरनाथ यादव,दया शंकर मौर्या,राम सिंह यादव,शीतला प्रसाद यादव,गोपाल यादव,सुनील पाल,ओमकार विश्वकर्मा, उपस्थित रहे।

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