बबलू सिंह की हत्या में शामिल शूटर चढ़ा इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र के हाथ तो बतायी यह बात, चुनावी रंजिश वारदात का सबब

चंदौली। रेनूकूट नगर पंचायत (सोनभद्र) के चेयरमैन शिवप्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह की तीन सप्ताह पहले हुई हत्या में शामिल आरोपित को इंस्पेक्टर मुगलसराय शिवानंद मिश्र ने टीम के साथ घेराबंदी कर धर-दबोचा। पुलिस को देख फायरिंग कर भागने की कोशिश करने वाले शूटर गांधी यादव के पास से .32 बोर की पिस्टल और तमंचे के अलावा कारतूस और खोखा बरामद हुआ है। एसपी हेमंत कुटियाल ने शनिवार को पुलिस आफिस में गिरफ्तार आरोपित को मीडिया के सामने पेश करते हुए सिलसिलेवार ढंग से पूरा ब्योरा दिया।

पहले भी हुई थी रेकी लेकिन नहीं हुए थे सफल

गिरफ्तार गांधी यादव मूल रूप से रोहतास (बिहार) का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि ढाई साल पहले 2017 में रेणुकूट नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान बबलू की पूर्व चेयरमैन अनिल सिंह से कांटे की टक्कर थी। चुनाव के दौरान दोनों के बीच कई बार झड़प भी हुई थी जिसमें अंजाम भुगतने की धमकी दी गयी थी। अनिल ने हार के बाद हर हाल में सबक सिखाने का मन बना लिया था। हत्या की खातिर सुपारी के रूप आधी रकम दे दी गयी थी। अपने साथियों के संग गाधी 7 सितंबर को पहुंचा था लेकिन रेकी के बावजूद मौका न मिलने पर लौटना पड़ा। इसके बाद वह 30 को गया था और रात को आफिस में घुसकर बबलू पर गोलियां बरसायी।

पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं साजिशकर्ता

गोलियों से जख्मी बबलू को वाराणसी रेफर किया गया था और इलाज के दौरान ही मौत हो गयी। इस मामले में मृतक के भतीजे ने अनिल सिंह के साथ उनके भाइयों पर शक जताते हुए नामजद किया था। आरम्भिक जांच के बाद सोनभद्र पुलिस ने तीन अक्टूबर पूर्व चेयरमैन अनिल सिंह के संग उसके भाई बृजेश सिंह और राकेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले का चौथा आरोपित जमुना सिंह एक सपा का नेता हैै। शूटरों पर 25 हजार का पुरस्कार घोषित किया गया था लेकिन वह फरार थे। सटीक सूचना पर अलीनगर पुलिस के साथ छापेमारी में इंस्पेक्टर मुगलसराय ने शुक्रवार की रात स्टेशन के पिछले हिस्से से गिरफ्तार कर लिया।

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