जूते-बेल्ट में छिपा रखा था 1.67 करोड़ का माल, डीआरआई ने हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस के जनरल कोच से दबोचा

वाराणसी। तस्करों के लिए इन दिनों बंगलादेश की सीमा मुफीद साबित हो रही है। नकली नोट, मादक पदार्थ से लेकर सोना तक इसी रास्ते आ रहे हैं। डीआरअई (डायरेक्टोरेट आॅफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) की वाराणसी इकाई ने छापेमारी में इसका खुलासा करते हुए बड़ी कामयाबी पायी है। एक खास सूचना पर डीआरआई टीम डीडीयू स्टेशन पहुंची थी। हावड़ा-मुंबई मेल के जनरल कोच से दो व्यक्तियों को इंटरसेप्ट और डी-बोर्ड किया गया। हिरासत में लिये गये दोनों व्यक्ति बांदा यात्री बांदा (यूपी) के निवासी थे। उनके सामान की तलाशी में कुछ नहीं मिला लेकिन पहनी गयी बेल्ट और जूते उतारने पर टीम की आंखे फटी रह गयी। सोने के पांच किलो के बिस्कुट इनमें छिपा कर रखे थे जिसकी कीमत 1.67 करोड़ आंकी गयी है। इसके साथ 92 हजार रुपये नकदी भी मिले हैं।

हावड़ा से बांदा जा रहा था सोना

गिरफ्तार तस्करों ने पूछताछ में कबूल किया कि बंगलादेश के रास्ते भारी मात्रा में विदेशों से सोने की तस्करी हो रही है। बरामद सोने की छड़ें हावड़ा (कोलकाता) से बांदा तक पहुंचाई जा रही हैं। ट्रेन के जनरल कोच में चेकिंग नहीं होती लिहाजा वह इसमें सवार थे। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। तस्करी गिरोह से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली है जिसके अन्य स्थानों पर कोलकाता व बांदा में छापेमारी की जा रही है। साथ ही इनके अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न स्थानों पर पड़ताल की जा रही है।

Related posts