गोरखपुर। सपा को गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उप चुनाव में बसपा का समर्थन एक तरह का नया प्रयोग होगा जिसका प्रभाव आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव में पड़ सकता है। दोनों पार्टियां मिलकर देश को खोखला करने वालों को सबक सिखाएंगी। पूर्व मंत्री और शाहगंज के विधायक शैलेन्द्र यादव ललई रविवार को बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में इसके लिए उन्होंने बूथ स्तर तक गठबंधन की रणनीति पर चर्चा की। सपा के गोरखपुर के प्रभारी ललई और एमलसी उदयवीर के उपस्थिति में बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बसपा के मुख्य जोन कोआॅर्डिनेटर घनश्याम चन्द्र खरवार ने इसकी घोषणा की। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी प्रवीण कुमार निषाद को अपनी पार्टी का समर्थन देने का ऐलान किया।

मंच से नहीं बल्कि जमीनी स्तर तक प्रयास

लोकसभा उपचुनाव में बसपा ने सपा प्रत्याशी को केवल मंच से ही समर्थन नहीं दिया है बल्कि उसकी जीत के लिए जमीनी स्तर पर रणनीति भी तैयार कर ली है। समर्थन का संदेश एक-एक कार्यकर्ता और मतदाता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी बूथ लेवल कार्यकतार्ओं को सौंपी जा रही है। इसकी देखरेख का जिम्मा विधानसभा क्षेत्र के दिग्गज नेताओं को दिया जा रहा है, जबकि बसपा के पूर्व सभापति, सांसद और वर्तमान विधायक इसकी निगरानी करेंगे। विधानसभा क्षेत्रों में बसपा के प्रभारी दो-दो सेक्टर प्रभारियों के साथ बैठक कर बूथ स्तरीय कार्यकतार्ओं को प्रचार की रणनीति समझाएंगे।

अब तक छोटे दलो के भरोसे थी सपा

गोरखपुर में प्रभावी प्रत्याशी न मिलने पर यहां से समाजवादी पार्टी ने निषाद पार्टी के प्रवीण कुमार निषाद को अपना उम्मीद्वार बनाया है। इससे पहले सपा ने यहां पर निषाद पार्टी व पीस पार्टी से भी समर्थन लिया है। गौरतलब है कि सपा-बसपा के इस तालमेल को बेमेल बताते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ तक तंज कस चुके हैं। उन्होंने कहा था कि केला और बेर दोनों एक साथ नहीं खाए जा सकते।

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