चंदौली। पिछले काफी समय से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि नौबतपुर स्थित बिहार की सीमा पर बाकायदा अफिस खोल कर फर्जी कागजात तैयार किये जाये हैं। असली आरटीओ आफिस से अधिक फर्जी पर भीड़ जुटती है। बाहर से आने वाले ट्रकों को यहां मांग के अनुरुप हर तरह के कागजात मिनटों में तैयार कर दे दिये जाते हैं। एसपी सतोष सिंह ने साक्ष्य संकलन के क्रम में क्राइम ब्रांच प्रभारी टीबी सिंह को लगाया। कुछ दिनों पर कई तरह के डीएल से लेकर सभी कागजात पुलिस को मिल गये। सोमवार को इंस्पेक्टर सैयदराजा एसपी सिंह के साथ छापेमारी के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से भारी मात्रा में कागजात और मोहर के संग कम्प्यूटर-प्रिंटर भी बरामद हुए हैं। एसपी ने गिरफ्तार आरोपितों को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों की तलाश है।

फर्जी चालान पर पास होते थे ट्रक

गिरफ्तार याकूब अंसारी भभुआ (बिहार) का निवासी है जबकि अखिलेश शर्मा, धीरज सिंह और अशोक राजभर जनपद के विभिन्न इलाकों को रहने वाले हैं। आरोपितों ने कबूल किया कि वह किसी जिले के आरटीओ का फर्जी चालान तैयार कर देते हैं जिसके आधार पर ट्रक पास हो जाते हैं। पूछने पर ड्राइवर बता देता कि मूल पेपर का चालान हो चुका है। हाल यह था कि एसपी के पीआरओ की भी फर्जी मुहर इन लोगों के पास थी। लगभग 300 मुहर बरामद हुई है।

सफेदपोशों का था संरक्षण

आरोपितों ने कबूल किया कि फर्जी कागजात तैयार करने में लाखों की कमाई होती थी लेकिन इसका हिस्सा कुछ लोगों को भी देना पड़ता था। चर्चाओं के मुताबिक कुछ सफेदपोशों का संरक्षण था जिसके चलते धडल्ले के साथ फर्जीवाड़ा चल रहा था। स्थानीय पुलिस और परिवहन विभाग इससे भिज्ञ थे लेकिन संरक्षण के चलते कुछ नहीं करते थे।

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