गाजीपुर। भांवरकोल के माढूपुर गांव स्थित रामजानकी मंदिर में अष्टधातु की मूर्ति चोरी और पुजारी की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में संदीप राय नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में संदीप ने जो खुलासा किया है वह हैरान करने वाला है। संदीप के मुताबिक अय्याशी में बाधा डालने के कारण उसने अपने भाई और एक साथी के साथ मिलकर मंदिर के पुजारी विजय राघव दास उर्फ रामबाबू पांडेय पर जानलेवा हमला किया था।

मंदिर को बनाना चाहते थे अय्याशी का अड्डा

पुलिस के मुताबिक संदीप और उसका सगा भाई दीपक चरस और गांजे के आदी थे। आए दिन दोनों अपने दोस्तों के साथ मंदिर पर पहुंच जाते और नशाखोरी करते। इस बात को लेकर मंदिर के पुजारी राघव दास ने दोनों भाईयों को कई बार टोका लेकिन दोनों बाज नहीं आए। टोकाटाकी बढ़ने पर दोनों भाईयों ने राघवदास को रास्ते से हटाने की ठान ली। 19 जुलाई की रात दोनों भाई अपने एक दोस्त के साथ मंदिर पहुंचे। पुजारी ने रोका तो तीनों हमलावर हो गए। तीनों ने मिलकर राघव दास पर हमला कर दिया। इसके बाद अष्‍टधातू की मूर्ति, चांदी का सिंहासन व मोबाइल लूट फरार हो गए थे। इस बीच गंभीर रूप से जख्मी राघवदास को बीएचयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

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